India International Bullion Exchange (IIBX) ने पश्चिम बंगाल के ज्वेलर्स के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की है। एक्सचेंज दिवाली 2026 तक कोलकाता में एक नया वॉल्ट (Vault) शुरू करेगा, जिससे ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट में भारी कमी आएगी और कारोबार में तेजी आने की उम्मीद है।
इंफ्रास्ट्रक्चर का विकेंद्रीकरण (Decentralization)
अब तक IIBX का पूरा फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर गुजरात के GIFT City तक ही सीमित था। अब इसे पूर्वी भारत तक विस्तार देने की तैयारी है। कोलकाता में नया वॉल्ट आने से बंगाल के ज्वेलर्स को चेन्नई या गुजरात पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, जिससे इंश्योरेंस और ट्रांजिट के खर्च में बड़ी बचत होगी।
स्थानीय व्यापारियों को फायदा
फिलहाल, पश्चिम बंगाल के करीब 50 बड़े ज्वेलर्स और TRQ होल्डर्स IIBX से जुड़े हैं, जिन्हें सीधे बुलियन इंपोर्ट करने की इजाजत है। यह सुविधा उन्हें बैंकों की लंबी औपचारिकताओं से मुक्ति दिलाती है। अब स्थानीय स्तर पर स्टोरेज की सुविधा मिलने से गोल्ड प्रोक्योरमेंट की प्रक्रिया और भी तेज और सस्ती हो जाएगी।
चुनौती और मार्केट का हाल
गोल्ड सेक्टर इस समय दबाव में है। पिछले दो सालों में ट्रेडिंग वॉल्यूम में 15% से 17% तक की गिरावट आई है, जिसका मुख्य कारण सोने की आसमान छूती कीमतें हैं। ग्राहक अब कम कैरेट या हल्के वजन की ज्वेलरी को तरजीह दे रहे हैं, जिससे बुलियन की मांग पर असर पड़ा है।
भविष्य की राह
इंडस्ट्री की नजरें अब India-UK Free Trade Agreement जैसे बड़े फैसलों पर टिकी हैं, जो भविष्य में एक्सपोर्ट के नए रास्ते खोल सकते हैं। भारत का लक्ष्य 2030 तक $75 बिलियन और 2040 तक $100 बिलियन का एक्सपोर्ट हासिल करना है। इस बड़े लक्ष्य के लिए कोलकाता जैसे शहरों में फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना पहली बड़ी सीढ़ी है।
