Copper Import Risk: $140 बिलियन के इंपोर्ट बिल से कैसे बचेगा भारत? ICAI का मास्टर प्लान तैयार

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AuthorMehul Desai|Published at:
Copper Import Risk: $140 बिलियन के इंपोर्ट बिल से कैसे बचेगा भारत? ICAI का मास्टर प्लान तैयार

International Copper Association India (ICAI) ने चेतावनी दी है कि **10 मिलियन टन** कॉपर की डिमांड को पूरा करने के लिए भारत को **$140 बिलियन** का भारी इंपोर्ट बिल चुकाना पड़ सकता है। इसे कम करने के लिए रिसाइकिलिंग और बंद पड़े Sterlite प्लांट को शुरू करने का सुझाव दिया गया है।

भारत की बढ़ती कॉपर चुनौती

देश में इंडस्ट्रियल ग्रोथ के साथ ही कॉपर की डिमांड में तेजी आई है। ICAI की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की कॉपर डिमांड 10 मिलियन टन तक पहुंचने का अनुमान है। अगर घरेलू उत्पादन इसी रफ्तार पर रहा, तो देश को अपनी जरूरतों के लिए $140 बिलियन के इंपोर्ट पर निर्भर रहना होगा।

गोल्ड रिजर्व की तर्ज पर कॉपर रिजर्व?

ICAI का मानना है कि कॉपर को भी गोल्ड की तरह 'स्ट्रैटेजिक नेशनल रिजर्व' माना जाना चाहिए। भारत के पास अभी केवल 15 मिलियन टन कॉपर रिजर्व है, जबकि चीन के पास 120 मिलियन टन और यूरोपीय संघ के पास 80 मिलियन टन का बड़ा भंडार है। एसोसिएशन ने 'ग्राउंड-स्टॉक' यानी रिसाइकिलिंग पर जोर देने की सलाह दी है।

रिसाइकिलिंग और टैक्स रिफॉर्म्स

डोमेस्टिक रिसाइकिलिंग सेक्टर को फॉर्मलाइज करना भारत के लिए सबसे जरूरी कदम है। स्क्रैप मेटल को बाहर भेजने के बजाय उसे देश में ही प्रोसेस करने से न केवल लागत कम होगी, बल्कि ग्लोबल सप्लाई चेन के झटकों से भी राहत मिलेगी। इसके लिए GST जैसे टैक्स स्ट्रक्चर में बदलाव की भी जरूरत बताई गई है।

Sterlite प्लांट पर नज़र

ICAI ने अपनी रिपोर्ट में थूथुकुडी स्थित Vedanta के Sterlite Copper प्लांट का भी जिक्र किया है। यह प्लांट काफी समय से बंद पड़ा है। एसोसिएशन का कहना है कि नए प्रोजेक्ट्स में पैसा लगाने के बजाय मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर को फिर से शुरू करना सप्लाई बढ़ाने का ज्यादा प्रभावी रास्ता हो सकता है।

डिमांड में जोरदार उछाल

भारत में कॉपर की डिमांड हर साल 9% से ज्यादा की दर से बढ़ रही है, जो GDP ग्रोथ से भी तेज है। पावर, इंफ्रास्ट्रक्चर और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) सेक्टर के विस्तार से यह दबाव और बढ़ने वाला है। अब निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार रिसाइकिलिंग और बंद पड़े प्लांट को लेकर क्या नीति अपनाती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.