Hindustan Zinc: ब्रोकरेज का भरोसा बरकरार, ₹700 के पार जाएगा शेयर? चांदी की कमी से मजबूती

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Hindustan Zinc: ब्रोकरेज का भरोसा बरकरार, ₹700 के पार जाएगा शेयर? चांदी की कमी से मजबूती
Overview

ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Jefferies ने Hindustan Zinc पर अपना भरोसा बनाए रखा है। उन्होंने स्टॉक के लिए **₹700** का नया टारगेट प्राइस तय किया है, जो मौजूदा स्तर से **20%** से ज्यादा की तेजी का संकेत देता है।

चांदी की किल्लत से मजबूती, Jefferies का ₹700 का लक्ष्य

Jefferies का Hindustan Zinc (HZL) पर बुलिश (bullish) रुख जारी है। ब्रोकरेज ने स्टॉक को 'Buy' रेटिंग दी है और इसका टारगेट प्राइस बढ़ाकर ₹700 प्रति शेयर कर दिया है। यह मौजूदा भाव से करीब 20% की तेजी का अनुमान लगाता है। इस उम्मीद की बड़ी वजह है चांदी (Silver) की ग्लोबल सप्लाई में लगातार बनी रहने वाली कमी। The Silver Institute के मुताबिक, 2026 तक लगातार छठी बार चांदी की कमी (deficit) रहने की आशंका है, जो करीब 2.1 kilotonnes हो सकती है। यह ग्लोबल सप्लाई का लगभग 6% बैठता है।

मांग में स्थिरता, पर औद्योगिक खपत पर दबाव

हालांकि, वैश्विक स्तर पर औद्योगिक मांग (industrial demand) में कुछ नरमी दिख रही है, लेकिन कुल चांदी की मांग स्थिर रहने की उम्मीद है। इन्वेस्टमेंट (investment) से मिलने वाला सहारा मांग को बनाए रखेगा। सोलर एनर्जी (photovoltaic) जैसे सेक्टर में लागत कम करने और सब्स्टिट्यूशन (substitution) के चलते औद्योगिक मांग पर असर पड़ सकता है। वहीं, चांदी की सप्लाई का बड़ा हिस्सा अन्य बेस मेटल्स (base metals) जैसे जिंक, लेड, कॉपर और गोल्ड के माइनिंग (mining) से साइड-प्रोडक्ट (by-product) के तौर पर निकलता है, इसलिए सप्लाई अन्य मेटल्स की इकोनॉमी पर निर्भर करती है।

दमदार नतीजे और बढ़ता मुनाफा

Hindustan Zinc ने Q4 FY25 में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (consolidated net profit) पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 47.4% बढ़कर ₹3,003 करोड़ रहा। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2025 के लिए नेट प्रॉफिट 33% की उछाल के साथ ₹10,353 करोड़ दर्ज किया गया। कंपनी के मुनाफे में चांदी का योगदान लगातार बढ़ रहा है, जो 9-महीने FY26 में EBIT का लगभग 42% था। एनालिस्ट्स (Analysts) का अनुमान है कि FY27 तक कंपनी का EPS (Earnings Per Share) 37% तक बढ़ सकता है।

वैल्यूएशन पर सवाल?

हालांकि, कंपनी के प्रदर्शन के बावजूद, HZL का वैल्यूएशन (valuation) थोड़ा महंगा दिख रहा है। यह स्टॉक अपने 10-साल के औसत EV/EBITDA मल्टीपल (multiple) 7.8x के मुकाबले FY27 अनुमानों पर 8.8x पर ट्रेड कर रहा है। इसका P/E रेश्यो (ratio) लगभग 20.95x है, जो इसकी पेरेंट कंपनी Vedanta (16.00x) और इंडस्ट्री के औसत (20.95x) से ज्यादा है। ऐसे में निवेशक इसके मौजूदा वैल्युएशन की स्थिरता पर गौर कर सकते हैं।

बाकी एनालिस्ट्स की राय और रिस्क

Jefferies के अलावा, HSBC जैसी अन्य ब्रोकरेज फर्मों ने भी HZL की रेटिंग को 'Buy' में अपग्रेड कर ₹750 का टारगेट दिया है। हालांकि, कई एनालिस्ट्स का औसत टारगेट लगभग ₹633.20 के आसपास है। चांदी की कीमतों में अचानक बड़ी अस्थिरता (volatility) कंपनी के लिए एक बड़ा रिस्क (risk) साबित हो सकती है, खासकर जब सप्लाई अन्य मेटल्स पर निर्भर हो।

भविष्य की तैयारी: ग्रीन एनर्जी में विस्तार

Hindustan Zinc भविष्य की मांग को देखते हुए नए क्षेत्रों में भी विस्तार कर रहा है। कंपनी जिंक-आयन बैटरी (zinc-ion battery) के लिए प्रोटोटाइप (prototypes) विकसित कर रही है, जो रिन्यूएबल एनर्जी स्टोरेज (renewable energy storage) में क्रांति ला सकती हैं। ये पहल कंपनी को ग्रीन टेक्नोलॉजी (green technology) की बढ़ती मांग का फायदा उठाने में मदद करेंगी।

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