Hindustan Zinc के निवेशकों के लिए खुशखबरी! कंपनी ने जून तिमाही में **₹5,469 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में दोगुना से भी ज्यादा है। इस शानदार नतीजे के बाद स्टॉक में तेजी देखी गई।
Detailed Coverage
मुनाफे का 'खजाना' और शानदार मार्जिन!
कंपनी के नतीजे बताते हैं कि जून तिमाही में रेवेन्यू में 77% की जोरदार उछाल आई और यह ₹13,747 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, EBITDA, जो कंपनी के मुख्य परिचालन लाभ को दर्शाता है, दोगुना होकर ₹8,050 करोड़ हो गया। सबसे खास बात यह है कि EBITDA मार्जिन बढ़कर 58.56% हो गया, जो पिछले साल की इसी अवधि में 49.7% था। इस जबरदस्त बढ़ोतरी की मुख्य वजह जिंक और सल्फ्यूरिक एसिड की ऊंची कीमतों से मिला फायदा है।
ब्रोकरेज की नजर और आगे की राह?
नतीजों के बाद, ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म HSBC ने अपनी 'Positive' रेटिंग बरकरार रखी है और London Metal Exchange (LME) की ऊंची कीमतों का फायदा कंपनी को मिलने की उम्मीद जताई है। HSBC ने आने वाले फाइनेंशियल ईयर्स के लिए कंपनी के अनुमानों को बढ़ाया भी है। वहीं, Jefferies ने भी EBITDA में 4% की सीक्वेंशियल ग्रोथ देखी है और कहा है कि स्टॉक फिलहाल अपने लॉन्ग-टर्म एवरेज से थोड़ा नीचे, 7.5x के एंटरप्राइज वैल्यू-टू-EBITDA मल्टीपल पर ट्रेड कर रहा है।
हालांकि, ब्रोकरेज फर्मों ने कुछ बातों पर निवेशकों को ध्यान देने की सलाह दी है। इनमें ग्लोबल सिल्वर और जिंक की कीमतों में उतार-चढ़ाव, माइन ग्रेड में संभावित गिरावट और कुछ माइनिंग लीज की अवधि समाप्त होने के बाद रॉयल्टी पेमेंट में बढ़ोतरी जैसे जोखिम शामिल हैं। HSBC ने रिलेटेड-पार्टी ट्रांजैक्शंस पर भी चिंता जताई है, जो माइनॉरिटी शेयरहोल्डर्स के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
आगे कंपनी की कमाई काफी हद तक इन ऊंचे प्रॉफिट मार्जिन को बनाए रखने की क्षमता पर निर्भर करेगी, खासकर कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव और बढ़ते ऑपरेशनल खर्चों के बीच। निवेशक मैनेजमेंट की कमेंट्री का इंतजार करेंगे कि कंपनी कैपिटल स्पेंडिंग प्लान्स और आने वाले लीज रिन्यूअल के असर से कैसे निपटेगी।
