Hindustan Zinc के निवेशकों के लिए खुशखबरी है। ब्रोकरेज फर्म Jefferies ने इसका टारगेट प्राइस बढ़ाकर **₹750** कर दिया है, साथ ही सरकार द्वारा तुरंत हिस्सेदारी बेचने की खबरों पर भी विराम लग गया है। इन दो बड़ी वजहों से स्टॉक में **6%** की शानदार तेजी देखने को मिली है।
राहत और बुलिश सेंटीमेंट
बाजार में Hindustan Zinc को लेकर जो अनिश्चितता बनी हुई थी, वह अब काफी हद तक छंट गई है। Jefferies India ने अपने टारगेट प्राइस को ₹660 से बढ़ाकर ₹750 कर दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि आने वाले समय में जिंक और सिल्वर की कीमतें कंपनी के लिए फायदेमंद साबित होंगी। इसके अलावा, DIPAM की तरफ से यह साफ हो गया है कि फिलहाल सरकार की कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बेचने की कोई योजना नहीं है। इससे उन निवेशकों को बड़ी राहत मिली है, जो किसी भी तरह के 'सप्लाई ओवरहैंग' से डरे हुए थे।
शानदार फाइनेंशियल परफॉर्मेंस
कंपनी के नंबर्स की बात करें, तो फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में Hindustan Zinc ने इतिहास रच दिया है। कंपनी का रेवेन्यू ₹13,747 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹5,469 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। मैनेजमेंट ने अपनी ऑपरेशनल एफिशिएंसी को भी सुधारा है और प्रोडक्शन कॉस्ट को घटाकर $851 प्रति टन के निचले स्तर पर ले आए हैं।
रिस्क फैक्टर्स और सतर्कता
निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि शेयर फिलहाल प्रीमियम वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है। Jefferies के अनुमान मार्केट कंसेंसस से थोड़े ज्यादा हैं, जिसका मतलब है कि अगर कमोडिटी की कीमतों में गिरावट आती है, तो स्टॉक पर दबाव बन सकता है। इसके अलावा, साल 2028 तक जिंक मार्केट के सरप्लस में जाने का अनुमान है, जिसका सीधा असर कंपनी के मार्जिन्स पर पड़ सकता है। फिलहाल, ग्लोबल कमोडिटी ट्रेंड्स और रेगुलेटरी अपडेट्स पर नजर रखना जरूरी है।
