Hindustan Zinc: प्रोडक्शन में जबरदस्त उछाल, फिर भी शेयर क्यों है अपने हाई से **24%** दूर?

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AuthorNeha Patil|Published at:
Hindustan Zinc: प्रोडक्शन में जबरदस्त उछाल, फिर भी शेयर क्यों है अपने हाई से **24%** दूर?

Hindustan Zinc ने Q2 FY27 में सेलएबल मेटल प्रोडक्शन में **7%** की शानदार बढ़त दर्ज की है। कंपनी के नए एक्सपेंशन प्रोजेक्ट्स का असर नतीजों पर दिख रहा है, लेकिन बावजूद इसके शेयर का भाव अपने 52-वीक हाई से करीब **24%** नीचे ट्रेड कर रहा है।

ऑपरेशनल फ्रंट पर मजबूती

कंपनी ने हालिया एक्सचेंज फाइलिंग में बताया है कि माइंड मेटल प्रोडक्शन में साल-दर-साल 5% की बढ़ोतरी हुई है, जो 271 किलोटन तक पहुंच गया है। सेलएबल मेटल प्रोडक्शन 264 किलोटन रहा। कंपनी ने देबारी में 160 किलोटन सालाना क्षमता वाले रोस्टर की शुरुआत और चंदेरिया व दरीबा फैसिलिटी में एफिशिएंसी सुधार के जरिए यह उपलब्धि हासिल की है।

कीमती धातुओं का जलवा

कंपनी के लिए सिल्वर और लेड सेगमेंट काफी दमदार रहा है। सिल्वर प्रोडक्शन में साल-दर-साल 20% का उछाल आया है और यह 173 टन रहा, जबकि रिफाइंड लेड का प्रोडक्शन 14% बढ़कर 51 किलोटन पर पहुंच गया है।

शेयर में दबाव क्यों?

शानदार प्रोडक्शन के बावजूद, स्टॉक ₹555.05 के स्तर पर बंद हुआ, जो इसके ₹733.00 के 52-वीक हाई से लगभग 24% नीचे है। बाजार के एक्सपर्ट्स का मानना है कि कंपनी के ऑपरेशनल परफॉर्मेंस के बजाय, ग्लोबल मैक्रोइकॉनॉमिक चिंताओं और कमोडिटी मार्केट की सुस्ती ने निवेशकों के सेंटिमेंट को प्रभावित किया है।

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

कमोडिटी बिजनेस में साइक्लिकल उतार-चढ़ाव आम है। हालांकि कंपनी उत्पादन बढ़ा रही है, लेकिन मुनाफा और शेयर की वैल्यूएशन सीधे तौर पर जिंक और लेड की ग्लोबल कीमतों से जुड़ी है। डेटा के मुताबिक, पिछले तीन सालों में प्रमोटर होल्डिंग में लगभग 4.21% की कमी आई है। आने वाले समय में कंपनी के नए प्रोजेक्ट्स की यूटिलाइजेशन और ग्लोबल डिमांड ही इस स्टॉक की दिशा तय करेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.