प्रोडक्शन में बड़ा इजाफा: खदानों से रिकॉर्ड आउटपुट की तैयारी
Hindustan Copper के मैनेजिंग डायरेक्टर Sanjiv Kumar Singh ने बताया है कि कंपनी झारखंड के घाटशिला और राजस्थान के खेतड़ी में स्थित अपनी खदानों से प्रोडक्शन बढ़ाने की योजना पर तेजी से काम कर रही है। कंपनी का अनुमान है कि 2026-27 तक अयस्क (ore) का प्रोडक्शन 4.7 मिलियन टन तक पहुंच जाएगा। यह पिछले फाइनेंशियल ईयर के मुकाबले 28-30% ज्यादा होगा और कंपनी के इतिहास का 'सर्वश्रेष्ठ वर्ष' साबित हो सकता है।
AI, EVs और पावर ग्रिड - डिमांड के नए इंजन
Sanjiv Kumar Singh के अनुसार, AI इंफ्रास्ट्रक्चर ग्लोबल कॉपर डिमांड का सबसे तेजी से बढ़ता हुआ जरिया बन रहा है। उन्होंने Google के विजाग डेटा सेंटर का उदाहरण दिया, जिसे 65,500 टन कॉपर की जरूरत होगी। इसके अलावा, चीन और भारत में पावर ट्रांसमिशन ग्रिड के बड़े अपग्रेड से भी कॉपर की खपत में भारी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है, जो कंपनी के प्रोडक्शन प्लान को सपोर्ट करेगा।
सप्लाई में बाधाएं और बढ़ती कीमतें
दुनियाभर में कॉपर प्रोडक्शन पिछले साल के मुकाबले लगभग स्थिर बना हुआ है। वहीं, खदानों में कॉपर ग्रेड (ore grades) का लगातार गिरना प्रोडक्शन को प्रभावित कर रहा है। इस सप्लाई-डिमांड गैप के कारण कीमतें ऊंची रहने की संभावना है। जियोपॉलिटिकल तनाव (जैसे ईरान-अमेरिका) से जरूरी सल्फ्यूरिक एसिड की सप्लाई पर असर पड़ रहा है। इंडोनेशिया की Grasberg माइन में हालिया दुर्घटना से प्रोडक्शन छह महीने के लिए टल गया, जिससे सप्लाई और सीमित हो गई है। Sanjiv Kumar Singh ने साफ किया कि ये सप्लाई की दिक्कतें स्वाभाविक रूप से कीमतों को ऊपर ले जाती हैं।