Q3 में मुनाफे की तूफानी रफ़्तार
HCL के दिसंबर तिमाही के नतीजे शानदार रहे। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी अवधि के ₹63 करोड़ से बढ़कर ₹156 करोड़ हो गया। इस दौरान, कंपनी का रेवेन्यू भी ₹327.8 करोड़ से उछलकर ₹687.3 करोड़ पर जा पहुंचा। अर्निंग्स बिफोर इंटरेस्ट, टैक्सेस, डेप्रिसिएशन और एमोर्टाइजेशन (EBITDA) भी दोगुना से ज़्यादा होकर ₹244.4 करोड़ रहा। प्रॉफिट मार्जिन भी पिछले साल के 32.9% से सुधरकर 35.6% पर पहुंच गया।
FY26 के लिए बड़े लक्ष्य और लागत का फायदा
आगे की राह देखें तो, HCL के मैनेजमेंट ने आने वाले फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के लिए लगभग 20% की वॉल्यूम ग्रोथ का अनुमान जताया है। कंपनी को उम्मीद है कि आने वाले समय में भी प्रॉफिट मार्जिन 40% से ऊपर बने रहेंगे। HCL की एक बड़ी ताकत उसकी कम प्रोडक्शन कॉस्ट है, जो लगभग $5,500 प्रति टन है। कॉपर की मौजूदा मजबूत कीमतों के साथ, यह लागत का फायदा कंपनी की वित्तीय सेहत को और मज़बूत करेगा।