Hindustan Copper अब चिली (Chile) में माइनिंग एसेट्स की तलाश में है। कंपनी वहां CODELCO के साथ मिलकर चार कॉपर ब्लॉक्स का मूल्यांकन कर रही है और तीन महीने में इसकी रिपोर्ट आने की उम्मीद है। साथ ही, घरेलू स्तर पर भी कंपनी ने FY27 के लिए **4.7 मिलियन टन** और उत्पादन का लक्ष्य रखा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में विस्तार
Hindustan Copper ने अपने कारोबार को वैश्विक स्तर पर ले जाने की रणनीति बनाई है। कंपनी चिली की सरकारी माइनिंग फर्म CODELCO के साथ साझेदारी में 4 कॉपर ब्लॉक्स को एक्सप्लोर कर रही है। इन एसेट्स की व्यवहार्यता (feasibility) पर तीन महीने में रिपोर्ट आएगी। हालांकि, प्रबंधन का मानना है कि इन मैच्योर माइनिंग एसेट्स से उत्पादन शुरू होने में 6 से 8 साल का लंबा वक्त लग सकता है।
घरेलू मोर्चे पर बड़ा लक्ष्य
घरेलू उत्पादन बढ़ाने के लिए कंपनी ने FY27 तक 47 लाख टन कॉपर ओर (Ore) और 32,000 टन मेटल-इन-कॉन्संट्रेट का टारगेट सेट किया है। इस ग्रोथ को राजस्थान की कोलिहान माइन्स (Kolihan mine) और मध्य प्रदेश की मलाजखंड माइन्स (Malanjkhand mine) के दम पर हासिल करने की योजना है। बता दें कि कंपनी के कुल रेवेन्यू का लगभग 75% हिस्सा मलाजखंड माइन्स से ही आता है।
झारखंड में बढ़ती गतिविधियां
झारखंड स्थित इंडियन कॉपर कॉम्प्लेक्स में भी काम ने रफ्तार पकड़ी है। कंपनी ने सुरदा माइन (Surda mine) को दोबारा चालू किया है और केंद्राडीह साइट पर भी काम शुरू हो गया है। इसके अलावा, प्रबंधन की योजना दिसंबर के अंत तक रखा माइन (Rakha mine) को भी ऑपरेशनल करने की है।
रिस्क और रेगुलेटरी अपडेट
Mines and Minerals (Development and Regulation) Amendment Act, 2026 के आने से रेगुलेटरी माहौल बेहतर होने की उम्मीद है, जिससे टैक्स स्ट्रक्चर आसान होगा। हालांकि, निवेशकों को यह याद रखना चाहिए कि माइनिंग सेक्टर ग्लोबल कमोडिटी कीमतों के प्रति बेहद संवेदनशील है, जो कंपनी के मुनाफे को सीधे तौर पर प्रभावित कर सकती है।
