Hindalco Share Price: रिकॉर्ड रेवेन्यू के बावजूद मुनाफा 51% गिरा, कर्ज का बोझ बढ़ा

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AuthorNeha Patil|Published at:
Hindalco Share Price: रिकॉर्ड रेवेन्यू के बावजूद मुनाफा 51% गिरा, कर्ज का बोझ बढ़ा
Overview

Hindalco Industries ने चौथी तिमाही (Q4 FY26) में रिकॉर्ड ₹78,133 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया है। हालांकि, कंपनी का नेट प्रॉफिट 51% गिरकर ₹2,597 करोड़ रह गया। भारत के एल्युमिनियम और कॉपर सेगमेंट के शानदार प्रदर्शन को Novelis के कर्ज और ओस्वागो प्लांट में आग लगने से हुए भारी नुकसान ने पाट दिया। कंपनी का नेट डेट-टू-EBITDA रेशियो बढ़कर **1.83x** हो गया है, जिससे खर्चों के बीच वित्तीय जोखिमों की चिंता बढ़ गई है।

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घरेलू मजबूती Novelis की दिक्कतों को दूर नहीं कर सकी

Hindalco Industries ने कंसोलिडेटेड तिमाही रेवेन्यू में तो रिकॉर्ड बनाया, लेकिन इस अवधि में मुनाफा काफी गिर गया। यह बड़ा अंतर मुख्य रूप से न्यूयॉर्क में Novelis के ओस्वागो (Oswego) प्लांट में आई रुकावटों के कारण है। जहां Hindalco के घरेलू एल्युमिनियम और कॉपर कारोबार ने क्रमश: ₹5,448 करोड़ और ₹907 करोड़ का रिकॉर्ड EBITDA हासिल किया, वहीं ये शानदार नतीजे भी अपनी अमेरिकी सब्सिडियरी Novelis से जुड़े विशेष खर्चों और परिचालन पर पड़े असर की भरपाई नहीं कर सके। फिलहाल बाजार Hindalco को लगभग 18.6x के P/E मल्टीपल पर आंक रहा है, जिससे निवेशकों को इसके भारतीय ऑपरेशंस के स्थिर प्रदर्शन और अंतरराष्ट्रीय कारोबार की अप्रत्याशित प्रकृति के बीच संतुलन बनाना पड़ रहा है।

बढ़ता कर्ज चिंता का सबब

मार्च 2026 तक Hindalco का कंसोलिडेटेड नेट डेट बढ़कर ₹68,440 करोड़ हो गया है, जो एक साल पहले ₹35,330 करोड़ था। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से अलबामा (Alabama) में विस्तार सहित बड़े कैपिटल इन्वेस्टमेंट के कारण हुई है। कंपनी का नेट डेट-टू-EBITDA रेशियो 1.06x से बढ़कर 1.83x हो गया है, जिससे इसकी वित्तीय लचीलापन कम हो गया है। हालांकि मैनेजमेंट का लक्ष्य इस रेशियो को 2.0x से नीचे रखने का है, लेकिन फाइनेंशियल ईयर 29 तक की बड़ी कैपिटल स्पेंडिंग यह दर्शाती है कि कर्ज कम करना एक चुनौतीपूर्ण और लंबा सफर होगा।

Hindalco की रणनीति पर सवाल

Hindalco का Novelis पर निर्भर रहना चिंता का विषय है, जो कंपनी को ओस्वागो आग जैसी विशिष्ट जोखिमों से अवगत कराता है। अधिक विविध कंपनियों के विपरीत, Hindalco को ऐसे अलग-थलग घटनाओं से महत्वपूर्ण कैश फ्लो का झटका लगता है। इसके अलावा, अलबामा के बे मिनेट (Bay Minette) में नए प्लांट में लागत बढ़ी है, जिससे इस चिंता को बढ़ावा मिला है कि अगर ब्याज दरें ऊंची रहीं तो शेयर डाइल्यूशन या और अधिक कर्ज का सामना करना पड़ सकता है। आलोचकों का तर्क है कि Hindalco अनिश्चित आर्थिक समय में अपनी वित्तीय क्षमता से ज्यादा खर्च कर रहा है, और बे मिनेट में कोई भी अतिरिक्त देरी लंबे समय में शेयरधारकों के रिटर्न को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकती है।

निवेशकों को क्या देखना चाहिए?

आगे चलकर, Hindalco का प्रदर्शन ओस्वागो प्लांट के सफल रीस्टार्ट और बे मिनेट सुविधा के पूर्ण एकीकरण पर निर्भर करेगा। विश्लेषकों की राय बंटी हुई है; कुछ भारतीय व्यवसाय की मजबूती को सकारात्मक ड्राइवर के रूप में देख रहे हैं, जबकि अन्य कर्ज का स्तर कम होने तक सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। निवेशकों को Novelis के EBITDA पर टन के हिसाब से बारीकी से नजर रखनी चाहिए, क्योंकि यह इंगित करेगा कि परिचालन में सुधार और लागत-बचत के प्रयास बढ़ती इनपुट लागतों का प्रभावी ढंग से मुकाबला कर रहे हैं या नहीं।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.