Gold Price: HSBC ने घटाया सोने का टारगेट, जानिए अब क्या है फेडरल रिजर्व का डर

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AuthorNeha Patil|Published at:
Gold Price: HSBC ने घटाया सोने का टारगेट, जानिए अब क्या है फेडरल रिजर्व का डर

HSBC ने 2026 के लिए गोल्ड प्राइस का अनुमान घटाकर **$4,490** प्रति औंस कर दिया है। फेडरल रिजर्व की सख्त मौद्रिक नीति के चलते सोने पर दबाव बना हुआ है, जबकि वर्तमान में कीमतें **$4,158** के पास कारोबार कर रही हैं।

टारगेट में कटौती और कारण

ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म HSBC ने गोल्ड को लेकर अपनी आउटलुक को नीचे की ओर रिवाइज किया है। इसका मुख्य कारण फेडरल रिजर्व का आक्रामक रुख और डॉलर में मजबूती है। बैंक ने अब 2026 के लिए सोने की औसत कीमत का अनुमान $4,490 प्रति औंस रखा है, जो पहले $4,560 था। वहीं, 2027 के लिए यह लक्ष्य $4,825 प्रति औंस तय किया गया है। 5 अक्टूबर, 2026 तक स्पॉट गोल्ड की कीमतें लगभग $4,158 प्रति औंस के स्तर पर देखी गईं।

फेड का असर और मार्केट सेंटीमेंट

सोने की चाल को तय करने में फेड की पॉलिसी सबसे बड़ा फैक्टर है। ऊंची ब्याज दरों के कारण सोने जैसे नॉन-यील्डिंग एसेट्स की चमक कम हो जाती है। हालांकि, सितंबर में अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल्स में केवल 29,000 की बढ़ोतरी देखी गई, जो उम्मीद से काफी कम है। इस आंकड़े ने बाजार में अक्टूबर में रेट हाइक की संभावना को घटाकर 20-22% कर दिया है, जिससे सोने को कुछ समय के लिए सहारा मिला है।

दिसंबर के जोखिम और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड

बाजार फिलहाल दिसंबर 2026 तक फेड द्वारा रेट हाइक की संभावना 87-89% मानकर चल रहा है। इसके चलते अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड ऊंची बनी हुई है, जो गोल्ड के लिए एक बड़ी चुनौती है। इसके अलावा, डॉलर की मजबूती और तेल की बढ़ती कीमतें भी सोने पर दबाव बना रही हैं।

सपोर्ट फैक्टर्स

इतने दबाव के बावजूद सोने की कीमतें बहुत ज्यादा नहीं गिर रही हैं। इसका बड़ा कारण दुनिया भर के सेंट्रल बैंकों द्वारा सोने का लगातार रिजर्व इकट्ठा करना है। साथ ही, माइनिंग कॉस्ट बढ़ने और प्रोडक्शन सीमित होने के कारण सप्लाई पर भी असर पड़ रहा है। यह संस्थागत मांग (Institutional demand) और सीमित सप्लाई का मिश्रण बाजार के लिए एक 'फ्लोर' की तरह काम कर रहा है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.