Groww ने Angel One को पीछे छोड़ते हुए भारत का सबसे बड़ा कमोडिटी डेरिवेटिव्स ब्रोकर बन गया है। Q1 FY27 में कंपनी का नोटिशनल एवरेज डेली टर्नओवर (ADTO) **₹2.43 लाख करोड़** रहा। नए वित्तीय सेवाओं में विस्तार के चलते कंपनी का तिमाही नेट प्रॉफिट **94%** बढ़कर **₹735 करोड़** हो गया।
Groww ने कैसे मारी बाजी?
बेंगलुरु की ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म Groww (Billionbrains Garage Ventures) ने भारतीय कमोडिटी डेरिवेटिव्स मार्केट में बाजी मार ली है। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के आंकड़े बताते हैं कि कंपनी ने ₹2.43 लाख करोड़ का नोटिशनल एवरेज डेली टर्नओवर (ADTO) हासिल किया है। इस शानदार परफॉरमेंस के दम पर Groww ने Angel One को पीछे छोड़ दिया, जिसने इसी अवधि में ₹2.37 लाख करोड़ का टर्नओवर दर्ज किया था।
मार्केट शेयर और ग्रोथ स्ट्रैटेजी
इस टर्नओवर के साथ, Groww के पास अब कमोडिटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट में अनुमानित 28.6% मार्केट शेयर है। तुलना करें तो Angel One का मार्केट शेयर लगभग 26.5% है, जबकि Zerodha का अनुमान 12% है। Groww ने हाल ही में जुलाई 2025 में सीमित लॉन्च और सितंबर 2025 में पूर्ण लॉन्च के साथ इस सेगमेंट में एंट्री की थी। इतने कम समय में मार्केट में अपनी मजबूत पकड़ बनाना, कंपनी की सक्रिय ट्रेडर्स को आकर्षित करने की क्षमता को दर्शाता है।
Q1 FY27 में वित्तीय प्रदर्शन
कमोडिटीज में Groww का फोकस कंपनी की वित्तीय सेहत के लिए काफी फायदेमंद साबित हुआ है। लेटेस्ट तिमाही रिपोर्ट के अनुसार, Groww का नेट प्रॉफिट पिछले साल की तुलना में 94% बढ़कर ₹735 करोड़ हो गया है। वहीं, ऑपरेशन्स से होने वाली कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 66% की बढ़ोतरी देखी गई है, जो ₹1,501 करोड़ तक पहुंच गई। ये आंकड़े न केवल ट्रेडिंग वॉल्यूम में वृद्धि दर्शाते हैं, बल्कि कंपनी की मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी (MTF) के विस्तार को भी दिखाते हैं, जिसके तहत ब्रोकर क्लाइंट्स को शेयर खरीदने के लिए पैसा उधार देता है।
रेवेन्यू डाइवर्सिफिकेशन और मार्केट का खेल
Groww अपनी आय के लगभग आधे हिस्से के लिए इक्विटी डेरिवेटिव्स पर निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहा है। इस स्ट्रेटेजी के तहत कंपनी कमोडिटीज, पर्सनल लोन और अन्य वित्तीय सेवाओं में अपनी उपस्थिति बढ़ा रही है। आय के ऐसे विविध स्रोत बनाना भारतीय डिस्काउंट ब्रोकर्स के लिए एक आम बात है, खासकर जब वे अस्थिर इक्विटी फ्यूचर्स और ऑप्शंस सेगमेंट में रेगुलेटरी दबाव और कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करते हैं।
हालांकि कंपनी ने मजबूत ग्रोथ हासिल की है, लेकिन निवेशक अक्सर ऐसे आक्रामक विस्तार की स्थिरता पर नजर रखते हैं। प्रतिस्पर्धी माहौल अभी भी कड़ा है, जहां Angel One और Zerodha जैसे स्थापित खिलाड़ी मार्केट शेयर बनाए रखने के लिए लगातार अपनी कीमत और सुविधाओं में बदलाव करते रहते हैं। इसके अलावा, कमोडिटीज सेगमेंट वैश्विक मूल्य उतार-चढ़ाव और नियामक नीतियों के प्रति संवेदनशील है, जो ट्रेडिंग वॉल्यूम को प्रभावित कर सकते हैं। कंपनी का भविष्य प्रदर्शन, कमोडिटीज में हाई यूजर एंगेजमेंट बनाए रखने और अपनी बढ़ी हुई सर्विस पेशकशों से जुड़ी लागतों को मैनेज करने की क्षमता पर निर्भर करेगा।
