प्याज की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने 27 अगस्त 2026 से दिल्ली में ₹35 प्रति किलो की सब्सिडी दरों पर बिक्री शुरू करने का फैसला किया है। 'Kanda Express' ट्रेन के जरिए प्याज की सप्लाई चेन को दुरुस्त किया जा रहा है, जिससे कीमतों में आई 56% की भारी उछाल को नियंत्रित किया जा सके।
देश की राजधानी दिल्ली में आम जनता को महंगाई से राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने कड़ा फैसला लिया है। 27 अगस्त 2026 से प्याज की बिक्री ₹35 प्रति किलो की रियायती दर पर शुरू की जाएगी। फिलहाल रिटेल मार्केट में प्याज के दाम ₹55 से ₹60 प्रति किलो तक पहुंच गए हैं, जो पिछले साल की तुलना में 56% अधिक है।
कैसे पहुंचेगा आम जनता तक प्याज?
इस वितरण व्यवस्था को NCCF और NAFED मिलकर संभालेंगे। सरकार ने सप्लाई को लगातार बनाए रखने के लिए 'Kanda Express' नामक स्पेशल ट्रेन सेवा शुरू की है, जो नासिक से दिल्ली तक 800 टन प्याज की खेप पहुंचा रही है।
बाजार और महंगाई पर असर
भले ही 2025-26 के लिए देश का कुल उत्पादन 307.37 लाख टन अनुमानित है, जो कि मांग के लिए पर्याप्त है, लेकिन मौजूदा तेजी का कारण उत्पादन में कमी नहीं बल्कि लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन की दिक्कतें हैं। सरकार के इस कदम की सफलता का दारोमदार 'लास्ट माइल कनेक्टिविटी' पर है। केंद्रीय भंडार के आउटलेट्स, मोबाइल वैन और भविष्य में Mother Dairy के 300 स्टोर के जरिए आम लोगों तक इसकी पहुंच बनाने की योजना है।
इन्वेस्टर नजरिए से देखें तो यह सरकारी दखल फूड इन्फ्लेशन को नियंत्रित करने की कोशिश है। हालांकि, लंबे समय के लिए भंडारण (Storage) इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स की दक्षता में सुधार जरूरी है, ताकि प्राइवेट ट्रेडर्स के मुकाबले सप्लाई में कोई रुकावट न आए। चेन्नई, एर्नाकुलम, मदुरै और गुवाहाटी जैसे शहरों में भी जल्द ही इसी तरह की वितरण व्यवस्था शुरू की जा सकती है।
