Goldman Sachs का अनुमान: 2027 तक घटेंगे कच्चे तेल के दाम, Brent Crude होगा $80

COMMODITIES
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
Goldman Sachs का अनुमान: 2027 तक घटेंगे कच्चे तेल के दाम, Brent Crude होगा $80

गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) ने कच्चे तेल के भविष्य को लेकर बड़ा अनुमान जारी किया है। बैंक के मुताबिक, 2027 तक Brent Crude के दाम गिरकर **$80** प्रति बैरल तक आ सकते हैं। हालांकि, दिसंबर 2026 तक जियो-पॉलिटिकल रिस्क के कारण कीमतें **$90** के स्तर पर रहने की संभावना है।

बाजार में सप्लाई और डिमांड का गणित

गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि वैश्विक स्तर पर तेल की सप्लाई बढ़ रही है, जिससे कीमतों में नरमी आएगी। हालांकि, मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव के कारण अभी भी प्रति बैरल $25 का रिस्क प्रीमियम जुड़ा हुआ है। डिमांड की बात करें तो चीन और एशियाई देशों में मांग धीमी पड़ रही है, जिसका असर लंबी अवधि में कीमतों पर देखने को मिलेगा।

भारतीय निवेशकों के लिए क्या हैं मायने?

कच्चे तेल की कीमतों का सीधा असर भारतीय मार्केट पर पड़ता है:

  • ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs): IOCL, BPCL और HPCL जैसी कंपनियों के लिए यह अच्छी खबर हो सकती है। अगर कीमतें $80 के स्तर पर आती हैं, तो इन कंपनियों के मार्जिन में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है, क्योंकि उन्हें पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित रखने में आसानी होगी।
  • अपस्ट्रीम कंपनियां: ONGC और Oil India के लिए स्थिति थोड़ी अलग है। ये कंपनियां कच्चा तेल निकालती हैं, इसलिए ऊंची कीमतें इनके लिए फायदेमंद होती हैं। कच्चे तेल के दाम गिरने से इनकी रेवेन्यू पर असर पड़ सकता है।

कुल मिलाकर, भारतीय इकोनॉमी के लिए कच्चे तेल की गिरती कीमतें राहत भरी होंगी, क्योंकि इससे महंगाई कंट्रोल में रहेगी और सरकारी खजाने पर इम्पोर्ट बिल का बोझ कम होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.