MCX पर गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में रिकवरी देखने को मिली है। सोना **₹1,38,733** और चांदी **₹1,81,125** के स्तर पर ट्रेड कर रही है। ग्लोबल मार्केट में क्रूड ऑयल के दाम **2-3%** घटने से महंगाई की चिंताओं में मामूली राहत मिली है, हालांकि अमेरिकी ब्याज दरों के दबाव के बीच बाजार अभी भी सतर्क है।
नवंबर की शुरुआत मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर प्रीशियस मेटल्स के लिए राहत भरी रही है। सोमवार सुबह गोल्ड फ्यूचर्स ₹1,38,733 प्रति 10 ग्राम और सिल्वर फ्यूचर्स ₹1,81,125 प्रति किलोग्राम के पास ट्रेड करते दिखे। यह उछाल अक्टूबर के आखिरी हफ्ते की उस भारी बिकवाली के बाद आया है, जिसमें गोल्ड 3.7% और सिल्वर 6% तक टूट गए थे। उस समय टेक सेक्टर में हुए भारी नुकसान की भरपाई के लिए निवेशकों ने कमोडिटी में बिकवाली की थी।
क्यों घटे दाम और क्यों मिली राहत?
इस तेजी की मुख्य वजह क्रूड ऑयल (Brent Crude) के भाव में 2-3% की नरमी है, जो अब $110-$111 प्रति बैरल के आसपास है। अमेरिका-ईरान के बीच कूटनीतिक हलचल के कारण तेल की कीमतों में नरमी आई है, जिससे इन्फ्लेशन का डर थोड़ा कम हुआ है और गोल्ड जैसी एसेट को सपोर्ट मिला है।
बाजार का रुख और रिस्क
हालांकि, डेटा संकेत दे रहे हैं कि ट्रेंड अभी भी कमजोर है। एक्सचेंज पर 'ओपन इंटरेस्ट' बढ़ने का मतलब है कि ट्रेडर्स अभी भी 'शॉर्ट पोजीशन' (Short Position) बना रहे हैं, जिससे तेजी के बीच रेजिस्टेंस (Resistance) देखने को मिल सकता है।
फेड का फैसला और नजरें
सबसे बड़ा दबाव ग्लोबल मॉनेटरी पॉलिसी का है। मार्केट में 72% संभावना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व दिसंबर में ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी करेगा। ऊंची ब्याज दरों का मतलब है कि गोल्ड जैसे नॉन-यील्डिंग एसेट की आकर्षकता कम हो जाती है। अब निवेशकों की नजरें 6 नवंबर को आने वाले US एंप्लॉयमेंट रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो फेड के अगले कदम की दिशा तय करेगी।
