US Federal Reserve की बैठक से पहले MCX पर गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में उछाल देखा गया। निवेशक महंगाई और अनिश्चितता के बीच सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के तौर पर बुलियन की ओर रुख कर रहे हैं।
बाजार में क्या चल रहा है?
बुधवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर प्रीशियस मेटल्स ने काफी मजबूती दिखाई है। गोल्ड अक्टूबर फ्यूचर्स ₹1,52,100 प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड कर रहा है, वहीं सिल्वर सितंबर फ्यूचर्स ₹2,35,988 प्रति किलोग्राम के स्तर के करीब बना हुआ है।
फेड का फैसला और बाजार का मूड
ग्लोबल मार्केट की नजरें इस वक्त US Federal Reserve की बैठक पर टिकी हैं। अनुमान है कि फेड 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी कर सकता है। मार्केट का लगभग 92% हिस्सा इस फैसले को पहले ही डिस्काउंट कर चुका है, क्योंकि केंद्रीय बैंक का मुख्य लक्ष्य बढ़ती महंगाई और एनर्जी प्राइसेज पर लगाम लगाना है।
निवेशक क्यों खरीद रहे हैं सोना?
आमतौर पर बढ़ती ब्याज दरें गोल्ड के लिए निगेटिव होती हैं, क्योंकि गोल्ड पर कोई रेगुलर ब्याज नहीं मिलता। लेकिन मौजूदा हालात अलग हैं। भू-राजनीतिक अस्थिरता और महंगाई के डर से निवेशक सोने को एक 'सुरक्षा कवच' (Defensive Asset) की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं।
'हॉकिश' संकेत का रिस्क
बाजार के लिए असली खतरा तब पैदा हो सकता है अगर फेडरल रिजर्व उम्मीद से ज्यादा आक्रामक (Hawkish) रुख अपनाता है। अगर फेड ने संकेत दिया कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रहेंगी, तो डॉलर मजबूत हो सकता है। एक मजबूत डॉलर गोल्ड और सिल्वर की कीमतों पर दबाव डाल सकता है, क्योंकि अन्य करेंसी होल्ड करने वाले खरीदारों के लिए यह महंगा हो जाता है।
आगे क्या देखें?
फिलहाल निवेशक फेड के 'डॉट प्लॉट' का इंतजार कर रहे हैं, जो भविष्य में ब्याज दरों का रोडमैप तय करेगा। इसके अलावा, फेड चेयर की प्रेस कॉन्फ्रेंस से मिलने वाले संकेत तय करेंगे कि बुलियन में अगली चाल किस तरफ होगी।
