14 अगस्त 2026 को गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों के उम्मीद के मुताबिक आने के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली की। COMEX गोल्ड फ्यूचर्स में **1%** से अधिक की गिरावट आई, जबकि घरेलू MCX पर भी कीमतों में मामूली नरमी दिखी।
क्यों आई कीमतों में नरमी?
14 अगस्त 2026 को कीमती धातुओं (Precious Metals) के दाम नरम पड़े। दरअसल, अमेरिकी महंगाई के आंकड़े उम्मीद के मुताबिक 3.4% रहने के बाद निवेशकों ने बड़ी संख्या में मुनाफावसूली (Profit Booking) की। इससे पहले के दिनों में इन धातुओं में अच्छी तेजी देखी गई थी, लेकिन आंकड़ों के आते ही बाजार में 'Buy the rumour, sell the fact' वाली स्थिति बन गई।
ग्लोबल और घरेलू बाजार में गिरावट
COMEX गोल्ड फ्यूचर्स 1.01% गिरकर $4,375.60 प्रति औंस पर आ गए। वहीं, सिल्वर फ्यूचर्स 1.34% की गिरावट के साथ $64.120 प्रति औंस पर कारोबार कर रहे थे। घरेलू बाजार में भी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के अक्टूबर वायदा की कीमत ₹1,53,373 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई, जो मामूली गिरावट दर्शाता है।
फेडरल रिजर्व का संकेत और आगे की राह
अमेरिकी महंगाई दर के उम्मीदों के अनुरूप रहने के बाद सितंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना घटकर लगभग 36% रह गई है। हालांकि, लंबी अवधि में गोल्ड को फेडरल रिजर्व की दरों में स्थिरता की उम्मीदों का सहारा है, लेकिन कुछ फैक्टर अभी भी अस्थिरता पैदा कर सकते हैं।
खास बातें जिन पर रहेगी नजर
भू-राजनीतिक तनाव, जैसे कि अमेरिका और ईरान के बीच के संबंध, डॉलर को अप्रत्याशित रूप से मजबूत कर सकते हैं, जिससे गोल्ड और सिल्वर जैसी नॉन-यील्डिंग एसेट्स पर दबाव आ सकता है। इसके अलावा, अगर बॉन्ड यील्ड बढ़ती है, तो कीमती धातुओं को रखने की अवसर लागत (Opportunity Cost) बढ़ जाएगी, जो कीमतों में और गिरावट ला सकती है।
आने वाले सत्रों में गोल्ड और सिल्वर की दिशा अमेरिकी डॉलर की मजबूती, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और फेडरल रिजर्व के अधिकारियों की ब्याज दरों पर भविष्य की टिप्पणियों पर निर्भर करेगी। बाजार विश्लेषकों की घरेलू सोने के लिए ₹1,52,000 से ₹1,52,500 के बीच की तकनीकी सपोर्ट लेवल्स पर कड़ी नजर रहेगी।
