9 जुलाई, 2026 को भू-राजनीतिक तनाव (geopolitical tensions) के बीच सोना और चांदी की कीमतों में लगातार चौथे दिन गिरावट दर्ज की गई। MCX पर सोने के फ्यूचर ₹1,43,265 प्रति 10 ग्राम तक गिरे, जबकि चांदी के फ्यूचर 0.76% की गिरावट के साथ ₹2,21,749 प्रति किलो पर आ गए।
घरेलू कमोडिटीज पर असर
9 जुलाई, 2026 को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के फ्यूचर 0.31% की गिरावट के साथ ₹1,43,265 प्रति 10 ग्राम पर आ गए। वहीं, चांदी की कीमतों में 0.76% की बड़ी गिरावट आई और यह ₹2,21,749 प्रति किलो पर पहुँच गई। यह गिरावट ग्लोबल मार्केट के रुझान को दर्शाती है, जहाँ स्पॉट गोल्ड USD 4,075 के स्तर पर पहुँच गया, जो 1 जुलाई के बाद सबसे निचला स्तर है।
शहरों में दिखी अलग-अलग कीमतें
9 जुलाई को पूरे भारत में फिजिकल सोना और चांदी की कीमतों में काफी अंतर देखने को मिला। 24-कैरेट सोने के लिए दिल्ली और चेन्नई में ₹1,45,400 प्रति 10 ग्राम का सबसे ऊंचा भाव रहा, जबकि मुंबई, कोलकाता और हैदराबाद में यह ₹1,45,250 पर बिका। चांदी की कीमतों में और भी ज्यादा अंतर था; हैदराबाद में ₹2,65,900 प्रति किलो का सबसे ऊंचा रेट था, तो वहीं दिल्ली में यह ₹2,45,000 प्रति किलो पर सबसे सस्ता मिला। यह अंतर अक्सर लोकल टैक्स, ट्रांसपोर्टेशन और राज्य-विशिष्ट शुल्कों के कारण होता है।
ट्रेंड को समझना
आम तौर पर सोने को भू-राजनीतिक अस्थिरता के खिलाफ एक सुरक्षित निवेश (hedge) माना जाता है। हालांकि, जब तनाव के कारण मार्केट में ज्यादा उतार-चढ़ाव आता है और डॉलर मजबूत होता है, तो कभी-कभी सोने की कीमतों पर दबाव आ सकता है। निवेशक या तो लिक्विडिटी की तलाश में रहते हैं या दूसरे एसेट्स की ओर रुख करते हैं। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों से भी यह हालिया अस्थिरता साफ दिखती है, जिसमें 8 जुलाई की सुबह की तुलना में शाम को रेट में लगातार गिरावट दर्ज की गई।
$bullion market$ में निवेशक अक्सर इन प्राइस फ्लक्चुएशन पर ग्लोबल सेंट्रल बैंक की नीतियों और इंटरेस्ट रेट के अनुमानों के साथ नजर रखते हैं, क्योंकि ये फैक्टर्स फिजिकल और पेपर गोल्ड की डिमांड को प्रभावित करते हैं। भविष्य में कीमतों की चाल इस बात पर निर्भर करेगी कि भू-राजनीतिक तनाव कम होता है या बना रहता है, और इन ऊंचे दामों पर डोमेस्टिक डिमांड कैसी प्रतिक्रिया देती है।
