अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच सोना और चांदी की कीमतों में आज, 27 जुलाई को शुरुआती कारोबार में तेजी देखी गई। इस तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में भी उछाल आया है, जिससे निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर रुख कर रहे हैं।
Detailed Coverage
क्यों आई सोना-चांदी में तेजी?
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे में निवेशक अक्सर कीमती धातुओं, जिन्हें पारंपरिक तौर पर सुरक्षित निवेश (Safe-haven asset) माना जाता है, की ओर अपना पैसा लगाना पसंद करते हैं। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने भी इस प्रवृत्ति को बढ़ावा दिया है, क्योंकि यह महंगाई को बढ़ा सकती हैं और निवेशक सुरक्षित ठिकाने की तलाश में होते हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 0.78% बढ़कर $4,102.60 प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं, चांदी की कीमतों में भी 1.55% की बढ़ोतरी देखी गई और यह Comex एक्सचेंज पर $59.82 प्रति औंस पर कारोबार कर रही है।
घरेलू वायदा बाजार का हाल (Domestic Futures Market Update)
घरेलू वायदा बाजार में भी कीमती धातुओं की चाल अंतरराष्ट्रीय रुझान के अनुरूप रही। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर, पिछले कारोबारी सत्र यानी 24 जुलाई को सोना ₹1,43,238 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। आज, अगस्त अनुबंध (August contract) के लिए गोल्ड फ्यूचर्स में 0.17% की मामूली बढ़त के साथ ₹1,43,066 प्रति 10 ग्राम का स्तर देखा गया। वहीं, सितंबर डिलीवरी वाले चांदी फ्यूचर्स (Silver futures) में मजबूत रुझान दिखा और यह 1.33% चढ़कर ₹2,22,301 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया।
निवेशकों के लिए मुख्य बातें (Key Monitorables for Investors)
सोना और चांदी की कीमतों का भविष्य फिलहाल बाहरी कारकों पर काफी हद तक निर्भर करेगा। निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण घटना 29 जुलाई को होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) की नीतिगत बैठक है। चूंकि सोने पर कोई ब्याज नहीं मिलता, इसलिए यह अक्सर सरकारी बॉन्ड जैसी ब्याज देने वाली संपत्तियों के साथ प्रतिस्पर्धा करता है। यदि फेडरल रिजर्व अपनी ब्याज दर नीति में कोई बदलाव का संकेत देता है, तो यह सोना और चांदी की मांग पर बड़ा असर डाल सकता है।
इसके अलावा, निवेशक कच्चे तेल की कीमतों पर भी नजर बनाए रखेंगे। तेल की ऊंची कीमतें महंगाई के दबाव को बढ़ा सकती हैं, जो ऐतिहासिक रूप से सोने की कीमतों के लिए सहायक रहा है। ईरान-अमेरिका की स्थिति में कोई भी महत्वपूर्ण कमी या वृद्धि आने वाले दिनों में सोना और चांदी की कीमतों में अस्थिरता का मुख्य कारण बनी रहेगी।
