Multi Commodity Exchange (MCX) पर आज सोने और चांदी के वायदा भाव (Futures) में गिरावट देखी गई। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के चलते महंगाई का डर बढ़ गया है, जिससे निवेशक सतर्क हैं और अमेरिका के महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं।
भारत में कीमती धातुओं की कीमतों पर गुरुवार, 10 सितंबर 2026 को भारी दबाव देखने को मिला। MCX पर ट्रेड के दौरान ग्लोबल इकोनॉमी को लेकर अनिश्चितता साफ नजर आई। सोने और चांदी के वायदा भाव में कमजोरी का मुख्य कारण ऊर्जा की बढ़ती लागत और अमेरिका से आने वाले महंगाई के आंकड़ों का डर है।\n\nMCX पर अक्टूबर गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट ₹113 की गिरावट के साथ ₹153,650 प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड कर रहा है। वहीं, दिसंबर सिल्वर कॉन्ट्रैक्ट में और भी बड़ी गिरावट है, जो ₹1,103 फिसलकर ₹243,110 प्रति किलोग्राम पर आ गया है।\n\n### गिरावट की असली वजह क्या है?\nइस गिरावट के पीछे भू-राजनीतिक (Geopolitical) तनाव है, जिससे कच्चे तेल के दाम चढ़ रहे हैं। निवेशकों के लिए समस्या दोहरी है: बढ़ती महंगाई फेडरल रिजर्व को लंबे समय तक ब्याज दरें ऊंची रखने पर मजबूर कर सकती है। सोना और चांदी 'नॉन-यील्डिंग' एसेट हैं, यानी इनमें कोई ब्याज नहीं मिलता। ऐसे में जब सरकारी बॉन्ड में ब्याज दरें अधिक होती हैं, तो निवेशक बुलियन के बजाय बॉन्ड को तरजीह देते हैं।\n\nफिलहाल बाजार 'वेट एंड वॉच' की स्थिति में है। सभी की नजरें अमेरिका के प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) और कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) पर टिकी हैं। अगर इन आंकड़ों में महंगाई उम्मीद से ज्यादा रहती है, तो फेडरल रिजर्व अपनी सख्त मौद्रिक नीति जारी रख सकता है, जिससे बुलियन मार्केट पर दबाव और बढ़ सकता है।
