MCX पर कीमती धातुओं में भारी बिकवाली देखी गई है। Gold करीब **4%** गिरकर **₹1.42 लाख** प्रति 10 ग्राम और Silver **7.14%** लुढ़ककर **₹1.96 लाख** प्रति किलो पर आ गई है। क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतें और महंगाई पर लगाम के लिए अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख की आशंका से बाजार दबाव में है।
क्रूड ऑयल का असर और सोने की चाल
इस बिकवाली के पीछे सबसे बड़ा कारण क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल है, जो $117 प्रति बैरल के ऊपर स्थिर हो गया है। ऊर्जा की बढ़ती कीमतें महंगाई को हवा दे रही हैं, जिससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा बनाए रखने का डर बढ़ गया है। सोना और चांदी कोई डिविडेंड या ब्याज नहीं देते, इसलिए जब ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो निवेशक सरकारी बॉन्ड और बैंक डिपॉजिट की ओर रुख करने लगते हैं, जिससे बुलियन मार्केट पर दबाव बन जाता है।
चांदी की औद्योगिक मांग पर संकट
सोने के मुकाबले चांदी में गिरावट ज्यादा गहरी रही है। इसका बड़ा कारण चांदी की औद्योगिक उपयोगिता है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर एनर्जी जैसे क्षेत्रों में इसका इस्तेमाल होता है, लेकिन कीमतों में अस्थिरता और ऊंची ब्याज दरों के चलते डिमांड कमजोर पड़ गई है। तकनीकी कारणों से भी चांदी अपने सपोर्ट लेवल को बचाने में संघर्ष करती दिखी है।
निवेशकों की नजर फेड की मीटिंग पर
बाजार की नजर अब 27-28 अक्टूबर को होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की पॉलिसी बैठक पर टिकी है। फेड का रुख ही यह तय करेगा कि क्या सोने और चांदी की कीमतों को कोई सहारा मिलेगा या दबाव और बढ़ेगा। अगर फेड ने ब्याज दरों को लेकर सख्त संकेत दिए, तो डॉलर की मजबूती सोने-चांदी के लिए और भी चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती है।
