डॉलर की मजबूती और फेड की चाल
अमेरिकी डॉलर की लगातार मजबूती ने सोने की कीमतों पर भारी दबाव डाला है। 2 फरवरी 2026 को, भारत में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 10 ग्राम सोने का भाव पिछले दिन के ₹147,753 से 2.27% गिरकर ₹144,003 पर आ गया।
इसके साथ ही, अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) ने अपनी जनवरी की पॉलिसी मीटिंग के बाद बेंचमार्क इंटरेस्ट रेट्स (interest rates) में कोई बदलाव न करने का फैसला सुनाया। दरों को 3.5% से 3.75% की रेंज में स्थिर रखा गया। हालांकि, फेड की आगे की नीतियों को लेकर बाजार विश्लेषकों की पैनी नजर है, क्योंकि इससे सेफ-हेवन एसेट्स (safe-haven assets) जैसे सोने पर असर पड़ सकता है। फेडरल रिजर्व के चेयरमैन के तौर पर केविन वॉर्श (Kevin Warsh) के नाम की चर्चा ने भी पॉलिसी अनिश्चितता (policy uncertainty) को हवा दी है।
वैश्विक स्तर पर, स्पॉट कॉमएक्स (Comex) मार्केट में सोने की कीमतों ने $4,600 प्रति औंस का निचला स्तर छुआ, लेकिन बाद में कुछ रिकवरी दिखाते हुए $4,691 के आसपास कारोबार कर रहा था, जो पिछले सत्र से 0.48% कम है। इसी बीच, भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 91.72 पर कारोबार कर रहा था, जिसमें दिन में 0.06% की मामूली बढ़त और हफ्ते में 0.03% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
भू-राजनीतिक तनाव का असर फिलहाल कम
यह गिरावट तब आई है जब वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव (geopolitical tensions) पहले से ही बना हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रमों को लेकर बढ़ती तनातनी, यूक्रेन-रूस युद्ध, गाजा संकट और राष्ट्रपति ट्रंप के टैरिफ (tariff) संबंधी खतरों जैसी घटनाओं ने दुनिया भर में अनिश्चितता का माहौल पैदा किया है। हालांकि, ऐसा लगता है कि बाजार का ध्यान फिलहाल डॉलर की मजबूती और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर ज्यादा केंद्रित है, जिसने सोने जैसी पारंपरिक सुरक्षित संपत्तियों की मांग को फिलहाल दबा दिया है।
एनालिस्ट्स की राय और महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल
एनालिस्ट्स (Analysts) की मानें तो, ऑग्मोंट बुलियन (Augmont Bullion) ने 29 जनवरी 2026 को अपनी एक रिपोर्ट में सोने के लिए $5,200 (लगभग ₹160,000 प्रति 10 ग्राम) के स्तर को महत्वपूर्ण सपोर्ट (support) बताया था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर कीमतें इस स्तर से नीचे जाती हैं, तो प्रॉफिट-टेकिंग (profit-taking) बढ़ सकती है और सोना $5,000 से $4,750 के दायरे में गिर सकता है। 2 फरवरी के प्राइस एक्शन (price action) से ऐसा लग रहा है कि सोना इन निचले स्तरों का परीक्षण कर रहा है, जो शॉर्ट-टर्म (short-term) में मंदी के संकेत दे रहा है।
अन्य कीमती धातुओं जैसे चांदी और प्लैटिनम में भी डॉलर की मजबूती और वैश्विक अनिश्चितताओं का असर देखा जा सकता है। इसके अलावा, भारत में आगामी बजट 2026 को लेकर भी बाजार में एक अलग तरह की हलचल है, जो करेंसी मूवमेंट और स्थानीय मांग को प्रभावित कर सकती है।