फेडरल रिजर्व की नीतियों और बढ़ते डॉलर ने किया सोने को पस्त
सोने की कीमतों में यह भारी गिरावट कई वजहों से आई है। सबसे बड़ा कारण है अमेरिका के फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) का सख्त रुख। मार्च 2026 की मीटिंग में फेडरल रिजर्व ने 2.7% तक पहुंचने का अनुमान लगाते हुए महंगाई (Inflation) पर काबू पाने के लिए इंटरेस्ट रेट्स को ऊंचा बनाए रखने का संकेत दिया है। फेडरल रिजर्व ने इस साल सिर्फ एक ही बार रेट कट (Rate Cut) की उम्मीद जताई है, जिससे यह साफ है कि 'Higher for longer' की पॉलिसी जारी रहेगी।
इसका सीधा असर यह हुआ है कि सोने जैसी नॉन-इंटरेस्ट बेयरिंग एसेट्स (Non-interest bearing assets) को होल्ड करने की कॉस्ट बढ़ गई है। साथ ही, मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical tensions) के चलते सेफ हेवन (Safe Haven) डिमांड बढ़ी है, जिसने यूएस डॉलर इंडेक्स (DXY) को 100 के पार पहुंचा दिया है। मजबूत होता डॉलर सोने को अन्य करेंसी इस्तेमाल करने वाले खरीदारों के लिए महंगा बना रहा है।
तेल की कीमतों में उबाल और अन्य प्रीशियस मेटल्स पर असर
ऊपर से, मध्य पूर्व के संघर्ष के कारण सप्लाई (Supply) की चिंताओं से ऑयल प्राइस (Oil Price) भी $115/bbl के करीब पहुंच गए हैं। यह महंगाई को लेकर नई चिंताएं पैदा कर रहा है और फेडरल रिजर्व के रुख को और सख्त कर रहा है। फरवरी 2026 में सालाना महंगाई दर 2.4% थी, लेकिन अब इसके बढ़ने की आशंका है।
इस उठापटक का असर सिर्फ सोने पर ही नहीं, बल्कि अन्य प्रीशियस मेटल्स (Precious Metals) पर भी दिख रहा है। चांदी (Silver), जो जनवरी 2026 में $120/oz के पार गई थी, अब $90-$94/oz के आसपास आ गिरी है। प्लैटिनम (Platinum) में भी पिछले महीने 20% से ज्यादा की गिरावट आई है।
सोने के सपोर्ट में क्या है?
इन सबके बावजूद, सोने को कुछ सपोर्ट भी मिल रहा है। दुनिया भर के सेंट्रल बैंक्स (Central Banks) अपने फॉरेक्स रिजर्व (Forex reserves) को डाइवर्सिफाई (Diversify) करने के लिए सोना खरीद रहे हैं। 2026 में 68% सेंट्रल बैंक्स के सोने की खरीद बढ़ाने की उम्मीद है। चीन, भारत और तुर्की जैसे देश बड़े खरीदार बने हुए हैं।
एनालिस्ट्स की राय बंटी हुई
एनालिस्ट्स (Analysts) की राय बंटी हुई है। कुछ का मानना है कि साल के अंत तक सोना वापस $5,000-$6,300 तक जा सकता है, जबकि अन्य और गिरावट की चेतावनी दे रहे हैं। J.P. Morgan और Wells Fargo जैसे संस्थानों ने $5,000 से $6,300 का टारगेट दिया है, वहीं Bank of America $5,000 के आसपास की उम्मीद कर रहा है। Reuters का मीडियन फोरकास्ट $4,746 है।