Nuvama की भविष्यवाणी: सोने-चांदी की चमक बढ़ेगी?
Nuvama Professional Clients Group की हालिया रिपोर्ट में सोने (Gold) और चांदी (Silver) के भावों में तेजी का अनुमान लगाया गया है। फर्म का मानना है कि सोना ₹170,000 प्रति 10 ग्राम के स्तर तक जा सकता है, वहीं चांदी ₹280,000 प्रति किलोग्राम का टारगेट छू सकती है। यह राय टेक्निकल चार्ट पैटर्न और ग्लोबल मार्केट के सेंटिमेंट पर आधारित है।
सोने की चाल: ₹170,000 की ओर बढ़त
सोना फिलहाल ₹161,000 के आसपास ट्रेड कर रहा है और Nuvama के अनुसार, इसमें एक मजबूत बुलिश टेक्निकल पोजिशन दिख रही है। वीकली चार्ट्स पर राइजिंग ट्रेंडलाइन के पास से रिकवरी इसे मजबूती दे रही है। ₹157,000 का लेवल इसके लिए अहम सपोर्ट का काम करेगा। अगर सोना इस लेवल से ऊपर बना रहता है, तो इसमें आगे तेजी बनी रह सकती है। सोने को इन्फ्लेशन (Inflation) की चिंताएं, सेंट्रल बैंकों की खरीदारी और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताओं से भी सपोर्ट मिल रहा है। Nuvama ने ₹170,000 का टारगेट और ₹157,000 का स्टॉप-लॉस सुझाया है।
चांदी: रेसिस्टेंस के पार जाने की तैयारी?
चांदी, जो फिलहाल ₹267,400 पर ट्रेड कर रही है, हाल की गिरावट से ऊपर बने रहने में कामयाब रही है। अब यह एक महत्वपूर्ण रेसिस्टेंस एरिया के पास पहुंच रही है, जो इसके साइडवेज़-टू-बुलिश ट्रेंड को जारी रखने का संकेत दे रहा है। Nuvama की स्ट्रैटेजी में ₹280,000 का टारगेट और ₹255,000 का स्टॉप-लॉस शामिल है, बशर्ते यह ₹255,000 के सपोर्ट लेवल को बनाए रखे। चांदी का दोहरा चरित्र – मॉनेटरी एसेट (Monetary Asset) और इंडस्ट्रियल कमोडिटी (Industrial Commodity) – इसके भावों को चला रहा है। सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) और AI जैसे सेक्टर्स से इसकी डिमांड काफी मजबूत है, जिससे ग्लोबल सप्लाई डेफिसिट (Supply Deficit) बना हुआ है। एनालिस्ट्स 2026 में चांदी की औसत कीमत $81/oz रहने का अनुमान लगा रहे हैं, जो पिछले सालों से काफी ज्यादा है। गोल्ड-सिल्वर रेश्यो (Gold-Silver Ratio) भी काफी कम हुआ है, जिससे चांदी सोने की तुलना में ज्यादा आकर्षक लग रही है।
मैक्रो इकोनॉमिक फैक्टर और अलग-अलग राय
फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) द्वारा रेट कट्स (Rate Cuts) की उम्मीदें और डॉलर का कमजोर होना सोने-चांदी दोनों के लिए फायदेमंद है। दुनिया भर के सेंट्रल बैंक सोने की अपनी होल्डिंग्स बढ़ा रहे हैं, जिससे इसकी वैल्यू को स्ट्रक्चरल सपोर्ट मिल रहा है। हालांकि, सभी एनालिस्ट्स की राय एक जैसी नहीं है। सोने के लिए $4,500-$5,000/oz या उससे ऊपर के टारगेट बताने वाले कई एनालिस्ट्स के बीच, कुछ मार्केट ओवरक्राउडिंग (Market Overcrowding) को लेकर सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। Morgan Stanley ने 2026 के लिए सोने का अनुमान $4,400/oz तक बढ़ा दिया है।
जोखिमों पर एक नज़र (Bear Case)
तेजी के अनुमानों के बावजूद, सोने-चांदी दोनों के लिए बड़े जोखिम मौजूद हैं। सोने में मार्केट के बहुत ज्यादा गर्म होने (Overheating) की चिंताएं हैं। कुछ रणनीतिकार चेतावनी देते हैं कि अगर वित्तीय दबाव बढ़ता है तो सेंट्रल बैंक अपनी होल्डिंग्स बेच सकते हैं। वहीं, जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने पर भी कीमतों में बड़ी गिरावट आ सकती है। चांदी का सबसे बड़ा जोखिम इसकी इंडस्ट्रियल डिमांड पर भारी निर्भरता है। अगर ग्लोबल इकोनॉमी धीमी पड़ती है या मैन्युफैक्चरिंग गुड्स पर टैरिफ बढ़ते हैं, तो यह डिमांड कम हो सकती है, जिससे प्राइस वोलेटिलिटी (Price Volatility) बढ़ सकती है। सप्लाई कम होने के बावजूद, इकोनॉमिक मंदी चांदी की कीमतों को सोने की तुलना में ज्यादा प्रभावित कर सकती है।
आगे क्या? (Future Outlook)
2026 में प्रीशियस मेटल्स (Precious Metals) निवेशकों के लिए फोकस बने रहेंगे। सोना अपने सेफ-हेवन (Safe-haven) रोल और सेंट्रल बैंकों की खरीदारी के कारण मजबूत बना रह सकता है। चांदी में इंडस्ट्रियल डिमांड और सप्लाई की दिक्कतों के कारण तेजी की ज्यादा गुंजाइश है, लेकिन इसमें वोलेटिलिटी भी ज्यादा रहने की उम्मीद है। निवेशकों को सेंट्रल बैंक की पॉलिसियों, ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग और जियोपॉलिटिकल डेवलपमेंट पर कड़ी नज़र रखनी होगी।