पॉलिसी अनिश्चितता से सोने को सहारा
यह तेजी अमेरिका में ट्रेड पॉलिसी में आए एक बड़े बदलाव की प्रतिक्रिया है। 20 फरवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक 6-3 के फैसले में कहा कि इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत राष्ट्रपति को टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं है। इस फैसले ने पहले से वसूले गए अरबों डॉलर के टैरिफ पर सवाल खड़े कर दिए। जवाब में, प्रशासन ने 1974 के ट्रेड एक्ट की सेक्शन 122 के तहत एक नया 15% का ग्लोबल टैरिफ लगाने का ऐलान किया है, जो 24 फरवरी से प्रभावी होगा। यह सेक्शन पहले कभी भी व्यापक टैरिफ लगाने के लिए इस्तेमाल नहीं हुआ है। इस नए और कम आजमाए हुए कानूनी तरीके से टैरिफ की अवधि, वैधता और अंतिम प्रभाव को लेकर गहरी अनिश्चितता पैदा हो गई है, जो सोने को 'सेफ हेवन' (Safe Haven) के तौर पर मजबूत कर रही है। इस अनिश्चितता के चलते अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में हल्की गिरावट आई और यह 97.60 पर कारोबार कर रहा है।
महंगाई और धीमी ग्रोथ का कॉकटेल
अमेरिका का आर्थिक परिदृश्य मिला-जुला बना हुआ है। जनवरी 2026 में शिकागो फेड नेशनल एक्टिविटी इंडेक्स +0.18 पर रहा, जो औसत से बेहतर आर्थिक विस्तार का संकेत देता है। लेकिन, जीडीपी के आंकड़े धीमी रफ्तार दिखा रहे हैं। 2025 की चौथी तिमाही में एनुअलाइज्ड जीडीपी ग्रोथ घटकर 1.4% रह गई, जो तीसरी तिमाही के 4.4% के मुकाबले काफी कम है। वहीं, महंगाई (Inflation) पर काबू पाना मुश्किल साबित हो रहा है। दिसंबर 2025 में पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) प्राइस इंडेक्स महीने-दर-महीने 0.4% बढ़ा, और कोर PCE भी 0.4% बढ़ा। सालाना आधार पर, हेडलाइन PCE महंगाई 2.9% और कोर PCE 3.0% रही। ये आंकड़े फेडरल रिजर्व के 2% के लक्ष्य से काफी ऊपर हैं। धीमी ग्रोथ और लगातार बढ़ती महंगाई की यह स्थिति फेडरल रिजर्व के लिए मुश्किलें खड़ी कर रही है, जिससे ब्याज दरों (Interest Rates) में बड़ी कटौती की गुंजाइश कम हो जाती है, जो सोने के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
निवेशकों का भरोसा और वैश्विक जोखिम
निवेशकों का झुकाव सोने की ओर बढ़ रहा है। 17 फरवरी को समाप्त हुए हफ्ते में मनी मैनेजर्स ने अपनी नेट-लॉन्ग पोजीशन को बढ़ाकर 96,057 कर लिया, जो तीन हफ़्तों का सबसे बड़ा आंकड़ा है। COMEX में सोने की इन्वेंटरी सितंबर 2024 के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर आ गई है। वहीं, ग्लोबल गोल्ड ईटीएफ होल्डिंग्स में इस साल 12 लाख औंस (1.20 million ounces) की बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा, भू-राजनीतिक जोखिम (Geopolitical Risks) भी बढ़ रहे हैं। 26 फरवरी को जिनेवा में अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता का तीसरा दौर होने वाला है, जो मौजूदा तनावों को और बढ़ा सकता है। पॉलिसी अस्थिरता, लगातार महंगाई, धीमी ग्रोथ और भू-राजनीतिक जोखिमों का यह मेल सोने की कीमतों को और बढ़ाने में मदद कर रहा है।