टैरिफ राहत से सोने में आई तूफानी तेजी
गोल्ड की कीमतों में 3 फरवरी को एक ऐसा उछाल देखा गया जो अपने आप में खास था। भाव 7% से ज्यादा बढ़कर $4,950 प्रति औंस के स्तर को पार कर गए। इस तूफानी तेजी का सबसे बड़ा कारण अमेरिका और भारत के बीच व्यापार को लेकर आया एक बड़ा सकारात्मक संकेत है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत से आयात होने वाले सामानों पर पहले लगाए गए 50% के टैरिफ (Tariff) को घटाकर 18% करने का बड़ा फैसला सुनाया है। इस कदम ने कमोडिटी मार्केट में एक नई उम्मीद जगाई और सीधे तौर पर सोने की कीमतों को आसमान की ओर धकेल दिया।
भू-राजनीतिक तनाव ने बढ़ाया सेफ हेवन का आकर्षण
हालांकि, यह सिर्फ टैरिफ (Tariff) में कटौती का ही नतीजा नहीं है। बाजार के जानकारों का कहना है कि दुनिया भर के सेंट्रल बैंकों द्वारा की जा रही जबरदस्त खरीदारी और सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की मांग में बढ़ोतरी भी इस तेजी में अहम रही है। ऐसे में, बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tension) ने सोने को एक भरोसेमंद निवेश के तौर पर और मजबूत कर दिया है। खासकर, मंगलवार की सुबह अमेरिकी नौसेना द्वारा एक ईरानी ड्रोन को मार गिराए जाने की खबर ने अनिश्चितता भरे माहौल में सोने की चमक को और बढ़ा दिया।
पिछले दिन की गिरावट की वजह बनी थी फेड की अटकलें
यह ध्यान देने वाली बात है कि हालिया उछाल से पहले, 2 फरवरी को सोने की कीमतों में एक बड़ी गिरावट आई थी। उस दिन यह अपने रिकॉर्ड हाई $5,600 प्रति औंस के स्तर से करीब 25% तक लुढ़क गया था। इस भारी गिरावट की मुख्य वजह फेडरल रिजर्व (Fed) के अगले चेयरमैन के तौर पर केविन वॉर्श के नाम की अटकलें थीं। वॉर्श अपनी आक्रामक मौद्रिक नीति (Hawkish Stance) के लिए जाने जाते हैं, और ऐसे में सख्त मॉनेटरी पॉलिसी की आशंका ने मार्केट में बिकवाली का दबाव बढ़ाया था। साथ ही, अमेरिकी डॉलर में आई मजबूती ने भी सोने पर दबाव बनाया था।
भविष्य को लेकर भी तेजी का रुख बरकरार
इस सारे उतार-चढ़ाव के बावजूद, बाजार के विशेषज्ञ सोने के भविष्य को लेकर अभी भी बुलिश (Bullish) बने हुए हैं। उनका मानना है कि हालिया गिरावट भले ही बड़ी रही हो, लेकिन यह अपने रिकॉर्ड-हाई स्तरों से हुई थी, और सोना अभी भी तुलनात्मक रूप से ऊंचे स्तरों पर ही कारोबार कर रहा है। मौजूदा वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं, जो सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की मांग को बनाए रखती हैं, यह संकेत देती हैं कि बाजार की अस्थिरता के दौर में स्थिरता चाहने वाले निवेशकों के लिए सोना एक प्रमुख विकल्प बना रहेगा। व्यापारिक संबंधों को लेकर उम्मीदें और वैश्विक संकेत आने वाले समय में भी सोने की चाल को प्रभावित करते रहेंगे।