27 अगस्त 2026 को भारतीय बाजार में सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है। अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों के बाद डॉलर में मजबूती और प्रॉफिट बुकिंग के चलते सोना **₹1,300** प्रति 10 ग्राम से ज्यादा सस्ता हो गया है।
बाजार में क्यों आई सुस्ती?
सोने की कीमतों में यह गिरावट तब देखने को मिली है जब अक्टूबर MCX फ्यूचर्स में सोना ₹1,300 प्रति 10 ग्राम तक फिसल गया। हाल ही में सोना 3 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था, जिसके बाद निवेशकों ने मुनाफे की वसूली (Profit Booking) शुरू कर दी है। इस गिरावट के पीछे मुख्य वजह डॉलर इंडेक्स का 99 के स्तर तक पहुंचना है।
अमेरिकी आंकड़ों का दबाव
अमेरिका से आए जुलाई 2026 के PCE इंफ्लेशन डेटा ने बाजार की उम्मीदों को झटका दिया है। महंगाई दर 3.7% रही, जो अनुमान से अधिक है। सोना एक नॉन-यील्डिंग एसेट है, इसलिए अमेरिकी ब्याज दरों के लंबे समय तक ऊंचे बने रहने की संभावनाओं ने सोने की चमक को कम कर दिया है।
रक्षाबंधन और खरीदारों का रुख
त्योहारी सीजन यानी रक्षाबंधन के ठीक पहले सोने के दाम घटने से ग्राहकों में हलचल है। हालांकि, मौजूदा ऊंचे भावों को देखते हुए बहुत से रिटेल खरीदार अभी 'वेट एंड वॉच' की स्थिति में हैं और बाजार के रुख का इंतजार कर रहे हैं।
अब आगे क्या?
निवेशकों की नजरें अब 'जैक्सन होल सिंपोजियम' (Jackson Hole symposium) पर टिकी हैं। फेडरल रिजर्व के चेयर केविन वॉर्श की टिप्पणी यह तय करेगी कि आगे ब्याज दरों का रास्ता क्या होगा। यदि फेडरल रिजर्व सख्त रुख बरकरार रखता है, तो बुलियन मार्केट पर दबाव और बढ़ सकता है। निवेशकों को फिलहाल डॉलर इंडेक्स और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड्स पर कड़ी नजर रखनी होगी।
