सोने की कीमतों में सोमवार को गिरावट देखने को मिली और यह $4,010 प्रति औंस के स्तर से नीचे आ गया। इसकी मुख्य वजह अमेरिकी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें हैं, जिन्होंने भू-राजनीतिक तनावों के बीच सुरक्षित निवेश (safe-haven demand) की मांग को दबा दिया है। हालांकि निवेशक आमतौर पर तनाव के समय सोने का रुख करते हैं, लेकिन कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और केंद्रीय बैंकों द्वारा मौद्रिक सख्ती के संकेत धातु पर दबाव बना रहे हैं।
सोने पर एनर्जी की लागत का असर
सोने की कीमतों पर मौजूदा दबाव एनर्जी मार्केट से जुड़ा हुआ है। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें $90 प्रति बैरल के पार निकल गई हैं, जिसका मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है। जब तेल की कीमतें ऊँची रहती हैं, तो ये अक्सर महंगाई को बढ़ावा देती हैं। यह स्थिति केंद्रीय बैंकों के लिए मुश्किल खड़ी कर सकती है, जिन्हें महंगाई को काबू में लाने के लिए ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखना पड़ सकता है। चूंकि सोने पर कोई ब्याज या डिविडेंड नहीं मिलता, इसलिए सरकारी बॉन्ड यील्ड और ब्याज दरें बढ़ने पर यह निवेशकों के लिए कम आकर्षक हो जाता है।
सोने की कीमतों में सोमवार को लगभग 0.4% की गिरावट आई और यह $4,000.55 प्रति औंस के करीब बंद हुआ। यह पिछले हफ्ते के 2.5% के नुकसान के बाद हुआ है, जो पिछले दो हफ्तों में सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट थी। COMEX गोल्ड फ्यूचर्स में भी अगस्त डिलीवरी के लिए इसी तरह की गिरावट देखी गई, जो 0.33% घटकर $4,005.70 प्रति औंस पर आ गया।
कीमती धातुओं के बाजार में अलग-अलग चाल
जहां सोना संघर्ष कर रहा था, वहीं चांदी ने सोमवार को अलग रुख दिखाया। COMEX सिल्वर फ्यूचर्स 0.70% बढ़कर $56.72 प्रति औंस पर पहुँच गया। यह पिछले हफ्ते की बड़ी गिरावट के बाद एक तकनीकी रिकवरी (technical recovery) का संकेत लग रहा है, जब चांदी की कीमतों में 6% से अधिक की गिरावट आई थी। निवेशकों को ध्यान देना चाहिए कि यह बढ़त जरूरी नहीं कि एक लंबी अवधि के ट्रेंड रिवर्सल का संकेत हो, बल्कि यह कीमतों में तेज गिरावट के बाद कुछ खरीदारी का संकेत हो सकता है।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
कीमती धातुओं का भविष्य आने वाली वैश्विक आर्थिक रिपोर्टों पर निर्भर करेगा। निवेशक अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर नजर बनाए हुए हैं, जिसमें साप्ताहिक जॉबलेस क्लेम और फ्लैश पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) के आंकड़े शामिल हैं। इन रिपोर्टों से अमेरिकी अर्थव्यवस्था के स्वास्थ्य और महंगाई पर इसके प्रभाव के बारे में अधिक स्पष्टता मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, यूरोप और चीन से आने वाले आर्थिक आंकड़े भी महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि वे कमोडिटीज (commodities) और ब्याज दर की नीतियों के प्रति वैश्विक भावना को प्रभावित करते हैं।
बाजार में अस्थिरता (volatility) बने रहने की उम्मीद है, क्योंकि प्रतिभागी पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक जोखिमों और सख्त मौद्रिक नीति की संभावना के बीच संतुलन बना रहे हैं। सोने की भविष्य की कीमतें फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) से किसी भी आधिकारिक बयान और ऊर्जा आपूर्ति की बाधाओं से संबंधित किसी भी विकास के प्रति अत्यधिक संवेदनशील रहेंगी।
