US Federal Reserve द्वारा दिसंबर में ब्याज दरें बढ़ाने की प्रबल संभावनाओं के बीच Gold और Silver की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। बढ़ती बॉन्ड यील्ड और मजबूत डॉलर का असर कीमती धातुओं पर साफ दिख रहा है।
ग्लोबल मार्केट और MCX पर कीमती धातुओं में भारी बिकवाली देखी जा रही है। इसकी मुख्य वजह अमेरिकी केंद्रीय बैंक (US Fed) की सख्त मौद्रिक नीति को लेकर बढ़ती चिंताएं हैं। बाजार के जानकारों का मानना है कि दिसंबर की मीटिंग में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना अब 73% तक पहुंच गई है, जिससे निवेशकों का रुख गोल्ड-सिल्वर से हटकर बॉन्ड्स की ओर मुड़ गया है।
कीमतों का हाल
MCX पर गोल्ड का भाव ₹1,39,168 प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड कर रहा है, वहीं सिल्वर भी लुढ़क कर ₹1,80,255 प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार (Comex) में सोना $3,953.50 प्रति औंस और चांदी $50 के स्तर पर दबाव में नजर आ रही है।
क्यों दबाव में हैं मेटल्स?
गोल्ड और सिल्वर 'नॉन-यील्डिंग' एसेट्स हैं, यानी इनमें निवेश पर कोई ब्याज या डिविडेंड नहीं मिलता। जब US Treasury Yield 4.913% तक बढ़ जाती है, तो सुरक्षित और तय रिटर्न वाले सरकारी बॉन्ड्स निवेशकों के लिए ज्यादा आकर्षक हो जाते हैं। इसके अलावा, मजबूत डॉलर भी कीमती धातुओं को महंगा बना रहा है, जिससे डिमांड में कमी देखी जा रही है।
सपोर्ट लेवल्स पर रखें नजर
अगर आप इसमें ट्रेड कर रहे हैं, तो सपोर्ट लेवल्स को समझना जरूरी है:
- Gold: फिलहाल ₹1,38,640 पर इमीडिएट सपोर्ट है। अगर यह टूटता है, तो अगला बड़ा सपोर्ट ₹1,37,090 पर है। वहीं, ऊपर की ओर ₹1,41,130 के ऊपर जाने पर ही तेजी की उम्मीद की जा सकती है।
- Silver: चांदी ने ₹1,81,100 का अहम सपोर्ट तोड़ दिया है, और अब नजरें ₹1,78,420 के अगले बड़े टेस्ट पर टिकी हैं।
अब निवेशकों की निगाहें अमेरिकी लेबर मार्केट के डेटा पर हैं, जो यह तय करेगा कि अर्थव्यवस्था और अधिक रेट हाइक का दबाव झेल पाएगी या नहीं।
