भारत में सोने और चांदी की कीमतों में बुधवार को उछाल देखने को मिला है। क्रूड ऑयल के दामों में गिरावट और अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर कम होती चिंताओं का सीधा फायदा कीमती धातुओं को मिल रहा है।
बाजार की चाल और कीमतें
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर बुधवार को कीमती धातुओं में तेजी का माहौल रहा। दिसंबर डिलीवरी वाला सोना ₹1,087 की बढ़त के साथ ₹149,824 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता दिखा। वहीं, चांदी के वायदा भाव भी बढ़त के साथ ₹226,487 प्रति किलोग्राम पर खुले।
क्यों बढ़े सोने-चांदी के दाम?
इस तेजी की मुख्य वजह एनर्जी कॉस्ट में आई कमी है। वेस्ट एशिया से ऑयल सप्लाई बढ़ने और अमेरिका द्वारा अपने इमरजेंसी रिजर्व से तेल जारी करने के खबरों ने क्रूड ऑयल के बेंचमार्क को नीचे खींच लिया है। कमोडिटी मार्केट के जानकारों का मानना है कि जब महंगाई की चिंताएं कम होती हैं, तो सोने की डिमांड एक 'सेफ-हेवन' एसेट के तौर पर बढ़ जाती है।
फेडरल रिजर्व और अमेरिकी संकेतों का असर
मार्केट सेंटीमेंट को न्यूयॉर्क फेडरल रिजर्व के प्रेसिडेंट जॉन विलियम्स के बयानों से भी सपोर्ट मिला है। उनके संकेतों के बाद अब बाजार में अक्टूबर में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना कम हो गई है। निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि अमेरिका में ब्याज दरों का असर डॉलर पर पड़ता है, जो ग्लोबल लेवल पर सोने की कीमतों को प्रभावित करता है।
भारतीय निवेशकों के लिए रिस्क
भारतीय बाजार में रुपये और डॉलर की एक्सचेंज रेट पर नजर रखना बेहद जरूरी है। हालांकि मौजूदा तेजी एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन बाजार में अभी भी उतार-चढ़ाव (Volatility) बना हुआ है। यदि सोना अपने सपोर्ट लेवल को बनाए नहीं रख पाता है, तो घरेलू बाजार में बिकवाली का दबाव फिर से लौट सकता है। आने वाले समय में अमेरिकी महंगाई के आंकड़े और फेडरल रिजर्व की कमेंट्री ही इस ट्रेंड को तय करेगी।
