Gold, Silver Prices Latest: भू-राजनीतिक तनाव से सोने-चांदी में तूफानी तेजी, ₹1.57 लाख के पार जा सकता है सोना!

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AuthorNeha Patil|Published at:
Gold, Silver Prices Latest: भू-राजनीतिक तनाव से सोने-चांदी में तूफानी तेजी, ₹1.57 लाख के पार जा सकता है सोना!

सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। एनालिस्ट्स का मानना है कि सोना ₹1.57 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2.54 लाख प्रति किलो तक पहुंच सकती है। भू-राजनीतिक अस्थिरता और सेफ-हेवन डिमांड इस तेजी की वजह बन रही है, लेकिन एक्सपर्ट्स छोटी अवधि में प्रॉफिट-बुकिंग की चेतावनी भी दे रहे हैं। अब फेडरल रिजर्व की मीटिंग के मिनट्स पर निवेशकों की नजरें टिकी हैं।

सोने-चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी

भारतीय बाजारों में सोना और चांदी की कीमतें लगातार मजबूत बनी हुई हैं। इसकी मुख्य वजहें हैं - वैश्विक स्तर पर बढ़ रहा भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी मॉनेटरी पॉलिसी को लेकर चल रही अटकलें। एनालिस्ट्स का अनुमान है कि सोना ₹1.57 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2.54 लाख प्रति किलो के स्तर तक जा सकती है।

MCX पर क्या है हाल?

घरेलू मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर, अक्टूबर डिलीवरी के लिए गोल्ड फ्यूचर्स हाल ही में ₹1.54 लाख के करीब बंद हुए थे। यह पिछले महीने की शानदार तेजी के बाद आया है, जब कीमतों में करीब 9.5% का उछाल देखा गया था। सिल्वर फ्यूचर्स में भी इसी तरह की सकारात्मक चाल देखने को मिली है, जो अनिश्चितता के समय में सुरक्षित निवेश माने जाने वाले कीमती धातुओं की लगातार मांग को दर्शाता है।

तेजी की वजहें

इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा हाथ मध्य-पूर्व में चल रही घटनाओं का है। भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने पर निवेशक अक्सर सोने को एक सुरक्षित संपत्ति के तौर पर देखते हैं, जिससे इसकी मांग बढ़ जाती है। इसके अलावा, बाजार फेडरल रिजर्व की हालिया मीटिंग के मिनट्स का इंतजार कर रहा है। इन दस्तावेजों से सेंट्रल बैंक के इंटरेस्ट रेट्स पर रुख के बारे में अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है, जिसका सीधा असर अमेरिकी डॉलर की मजबूती और सोने की कीमतों पर पड़ता है।

प्रॉफिट-बुकिंग का खतरा

हालांकि, बाजार के जानकारों का कहना है कि निवेशकों को कंसोलिडेशन यानी कीमतों में कुछ स्थिरता या गिरावट के लिए तैयार रहना चाहिए। हाल के हफ्तों में कीमतों में आई तेज उछाल के बाद अक्सर प्रॉफिट-बुकिंग (मुनाफा वसूली) देखने को मिलती है। मार्केट अपने पिछले लो से काफी ऊपर चढ़ चुका है, इसलिए छोटी अवधि में कीमतों में उतार-चढ़ाव सामान्य बात है।

चांदी पर असर

चांदी की कीमतें भी मौजूदा माहौल से लाभान्वित हो रही हैं, लेकिन यह औद्योगिक मांग के प्रति संवेदनशील बनी हुई है। जहां सोना मुख्य रूप से एक सुरक्षित निवेश के रूप में अपनी भूमिका निभाता है, वहीं चांदी का प्रदर्शन चीन जैसी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के आर्थिक आंकड़ों सहित औद्योगिक धातु क्षेत्र से प्रभावित हो सकता है। इस दोहरे स्वभाव के कारण चांदी में कभी-कभी सोने की तुलना में अधिक अस्थिरता देखी जा सकती है।

आगे क्या?

आने वाले दिनों में निवेशकों के लिए सबसे अहम यह देखना होगा कि फेडरल रिजर्व की पॉलिसी कम्युनिकेशन पर बाजार कैसी प्रतिक्रिया देता है। इंटरेस्ट रेट्स को लेकर किसी भी तरह के बदलाव के संकेत डॉलर को प्रभावित कर सकते हैं, जिसका सीधा असर बुलियन यानी सोना-चांदी की कीमतों पर पड़ेगा। निवेशक अमेरिका और यूरोप के महंगाई और व्यापार से जुड़े आंकड़ों पर भी कड़ी नजर रख रहे हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.