Gold, Silver Prices: 7 दिन की तेजी पर लगा ब्रेक, सोना-चांदी हुए धड़ाम!

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Gold, Silver Prices: 7 दिन की तेजी पर लगा ब्रेक, सोना-चांदी हुए धड़ाम!

13 अगस्त, 2026 को भारतीय बाजारों में सोना और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। 7 दिन की लगातार बढ़त के बाद, सोने के दाम **₹2,800** प्रति 10 ग्राम और चांदी के दाम **₹6,000** प्रति किलोग्राम गिरे, क्योंकि ग्लोबल मार्केट में कमजोरी आई और निवेशकों ने मुनाफावसूली की।

सोने-चांदी में आई बड़ी गिरावट

गुरुवार को घरेलू सर्राफा बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली, जिससे पिछले लगातार 7 दिनों की बढ़त पर विराम लग गया। दिल्ली में सोना ₹2,800 की गिरावट के साथ ₹1,57,000 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। वहीं, चांदी में भी ₹6,000 की भारी गिरावट आई और यह ₹2,40,000 प्रति किलोग्राम पर आ गई। यह गिरावट हालिया तेजी के बाद बाज़ार के कारोबारियों द्वारा मुनाफावसूली (Profit Booking) का नतीजा है।

ग्लोबल ट्रेंड्स का असर

यह गिरावट अंतरराष्ट्रीय बुलियन बाजारों के कमजोर रुझान को दर्शाती है, जो स्थानीय कीमतों में उतार-चढ़ाव का एक बड़ा कारण है। वैश्विक ट्रेडिंग में, स्पॉट गोल्ड 0.43% गिरकर $4,389.67 प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, जबकि स्पॉट सिल्वर भी $65.03 प्रति औंस पर आ गया। चूंकि भारतीय सोने और चांदी की कीमतें इन अंतरराष्ट्रीय दरों से काफी प्रभावित होती हैं, इसलिए विदेशों में कमजोरी का स्थानीय बाजारों पर तुरंत असर पड़ता है।

निवेशक क्या देख रहे हैं?

निवेशकों और बाजार सहभागियों के लिए, यह गिरावट की अवधि कीमती धातुओं से जुड़े उतार-चढ़ाव को उजागर करती है। जब कीमतें लगातार बढ़ती हैं, जैसा कि पिछले सात दिनों में देखा गया, तो कुछ निवेशकों के लिए अपने लाभ को सुरक्षित करने के लिए बेचना आम बात है, जिससे अल्पावधि में कीमतों पर दबाव पड़ता है।

आगे चलकर, बुलियन की कीमतें कई वैश्विक कारकों के प्रति संवेदनशील बनी रहेंगी। बाजार सहभागियों की कड़ी नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीतियों पर है, क्योंकि उच्च दरें कीमती धातुओं को ब्याज-भुगतान वाली संपत्तियों की तुलना में कम आकर्षक बना सकती हैं। इसके अतिरिक्त, भू-राजनीतिक तनाव, विशेष रूप से मध्य पूर्व में, अनिश्चितता का स्रोत बने हुए हैं। ये वैश्विक घटनाएं, घरेलू मांग के रुझानों के साथ, प्रमुख कारक होंगी जो यह निर्धारित करेंगी कि यह मूल्य सुधार अस्थायी है या बाजार की भावना में एक व्यापक बदलाव की शुरुआत है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.