घरेलू बाजार में सोने और चांदी के वायदा भाव (Futures) में इस हफ्ते गिरावट देखी गई है। सोना गिरकर **₹1,50,881** और चांदी **₹2,34,696** के स्तर पर पहुंच गई है। निवेशक अब बाजार की चाल समझने के लिए **₹1,50,000** और **₹2,30,000** के अहम सपोर्ट लेवल पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।
ग्लोबल कमोडिटी मार्केट में आई नरमी का असर अब घरेलू बाजार पर भी दिखने लगा है। सोने के वायदा भाव में 2.3% की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे यह ₹1,50,881 प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। वहीं, चांदी में 2.9% की गिरावट देखी गई और यह ₹2,34,696 प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने में 2.1% और चांदी में 2.9% की गिरावट का सीधा असर भारतीय कीमतों पर पड़ा है।
टेक्निकल सपोर्ट लेवल पर नजर
एक्सपर्ट्स अभी सोने के लिए ₹1,50,000 के लेवल को एक मजबूत 'सपोर्ट फ्लोर' मान रहे हैं। टेक्निकल भाषा में कहें तो यह वो स्तर है जहां से खरीदारी लौट सकती है। अगर कीमत इस स्तर से ऊपर बनी रहती है, तो वैल्यू में स्थिरता रहने की उम्मीद है, लेकिन अगर यह लेवल टूटता है, तो कीमतें और नीचे जाने का खतरा बना रहेगा।
चांदी का कंसोलिडेशन फेज
चांदी फिलहाल ₹2,30,000 से ₹2,45,000 के दायरे में ट्रेड कर रही है, जिसे बाजार की भाषा में 'कंसोलिडेशन फेज' कहते हैं। इसमें ₹2,30,000 का लेवल सबसे अहम है। यदि चांदी इस स्तर को बचाने में कामयाब रहती है, तो बाजार में स्थिरता बनी रह सकती है। हालांकि, अगर यह फ्लोर टूटता है, तो निवेशकों का सेंटीमेंट बिगड़ सकता है और और भी करेक्शन देखने को मिल सकता है।
आने वाले हफ्ते में यह देखना बेहद अहम होगा कि क्या ये दोनों कीमती धातुएं अपने सपोर्ट लेवल को बचा पाती हैं या नहीं। इन स्तरों से बाउंस बैक होना डिमांड बने रहने का संकेत होगा, जबकि इनका टूटना आने वाले दिनों के लिए नए दबाव का कारण बन सकता है।
