बुधवार को अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों में नरमी आने के बाद सोना (Gold) और चांदी (Silver) की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश (Safe-haven assets) की जगह जोखिम भरे एसेट्स (Riskier assets) की ओर बढ़ा है।
क्यों गिरे सोने-चांदी के दाम?
अमेरिका से जारी हुए नए आर्थिक आंकड़ों ने बाजार की चाल बदल दी है। बुधवार को कीमती धातुओं की कीमतों पर दबाव देखा गया। COMEX पर गोल्ड फ्यूचर्स (Gold Futures) 0.59% गिरकर $2,410.80 प्रति औंस पर कारोबार कर रहे थे, जबकि सिल्वर फ्यूचर्स (Silver Futures) में भी 0.46% की गिरावट आई और यह $30.83 प्रति औंस पर थे।
यह गिरावट जून के लिए जारी हुए अमेरिका के कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) यानी महंगाई दर के आंकड़ों के बाद देखी गई। रिपोर्ट के अनुसार, जून में महंगाई दर 0.4% कम हुई, जो कि महामारी की शुरुआत के बाद पहली बार मासिक गिरावट है। कोर इन्फ्लेशन (Core Inflation) भी उम्मीद से कम 2.6% रहा।
ब्याज दरों पर क्या होगा असर?
महंगाई में इस नरमी को देखते हुए निवेशकों को लग रहा है कि फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) अपनी आगामी जुलाई की मीटिंग में ब्याज दरों (Interest rates) को स्थिर रख सकता है। बाजार का अनुमान है कि जुलाई में दरों में बढ़ोतरी की संभावना घटकर मात्र 16% रह गई है।
क्यों हुआ एसेट्स में बदलाव?
आम तौर पर, सोना अनिश्चितता के समय में एक सुरक्षित निवेश माना जाता है और कम ब्याज दरों का फायदा उठाता है। लेकिन इस बार, बाजार की पहली प्रतिक्रिया यह रही कि निवेशकों ने शेयरों (Equities) को ज्यादा तरजीह दी। जैसे-जैसे निवेशक जोखिम भरे एसेट्स की ओर बढ़े, सोने में सुरक्षित निवेश की मांग अस्थायी रूप से कम हो गई।
इसके अलावा, रिपोर्ट के बाद अमेरिकी डॉलर (US Dollar) अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले कमजोर हुआ, जिससे डॉलर-आधारित कमोडिटीज (Dollar-denominated commodities) को कुछ सहारा मिलना चाहिए था। लेकिन आज के कारोबार में शेयरों के प्रति मजबूत आकर्षण हावी रहा।
आगे क्या?
कमोडिटी बाजारों में तेल की कीमतों में भी स्थिरता देखी गई, ब्रेंट क्रूड (Brent crude) लगभग $85.50 प्रति बैरल पर बना रहा। तेल की कीमतों में यह ठहराव और महंगाई की चिंता कम होने से वित्तीय बाजारों में समग्र भावना को बढ़ावा मिला है। आगे, निवेशक आर्थिक स्वास्थ्य के बारे में और जानकारी के लिए अमेरिकी कंपनियों की कमाई रिपोर्ट (Corporate earnings reports) पर बारीकी से नजर रखेंगे। भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical tensions), खासकर मध्य पूर्व में, कोई भी बदलाव आने वाले हफ्तों में सोने और चांदी की कीमतों को प्रभावित कर सकता है।
