16 जुलाई, 2026 को सोना और चांदी के फ्यूचर्स में नरमी देखी गई। कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी ने कमजोर अमेरिकी डॉलर के सपोर्ट को बेअसर कर दिया। हालांकि, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों के नरम पड़ने से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ी है, लेकिन मध्य-पूर्व में भू-राजनीतिक अनिश्चितता और प्रमुख टेक कंपनियों की कमाई के नतीजों से पहले सतर्कता ने कमोडिटी की कीमतों पर दबाव बनाए रखा।
अमेरिकी महंगाई डेटा और डॉलर का असर
सोने की कीमतों को संभालने वाला मुख्य फैक्टर जून के लिए उम्मीद से कम रहे अमेरिकी प्रोड्यूसर प्राइस डेटा रहा। आम तौर पर, जब महंगाई के आंकड़े उम्मीद से कम आते हैं, तो अमेरिकी फेडरल रिजर्व पर ब्याज दरों को ऊंचा रखने का दबाव कम हो जाता है। चूंकि सोना कोई ब्याज या डिविडेंड नहीं देता, इसलिए कम ब्याज दरें आमतौर पर इस धातु को निवेशकों के लिए और आकर्षक बनाती हैं। कमजोर अमेरिकी डॉलर, जो अक्सर सोने के विपरीत दिशा में चलता है, सोने की कीमतों को अन्य मुद्राओं वाले निवेशकों के लिए सस्ता बनाकर भी सपोर्ट करता है।
कच्चे तेल का दबाव और भू-राजनीतिक जोखिम
महंगाई के आंकड़ों से मिले सकारात्मक संकेतों के बावजूद, कीमती धातुओं की तेजी को वैश्विक ऊर्जा लागत में तेज उछाल से झटका लगा है। मध्य-पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें लगभग $85.45 प्रति बैरल तक पहुंच गईं। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें फिर से महंगाई को बढ़ावा दे सकती हैं, जिससे वैश्विक केंद्रीय बैंक नीतियों की दिशा जटिल हो जाती है और गैर-उपज वाली संपत्तियों (non-yielding assets) को रखने वाले निवेशकों के लिए अनिश्चितता पैदा होती है।
बाजार का मूड और टेक सेक्टर का प्रभाव
बाजार प्रमुख टेक कंपनियों की तिमाही आय रिपोर्टों का इंतजार कर रहा है, खासकर Taiwan Semiconductor Manufacturing Co. (TSMC) की। वैश्विक टेक्नोलॉजी शेयरों में हालिया कमजोरी ने चांदी जैसी औद्योगिक कमोडिटीज सहित विभिन्न एसेट क्लास में जोखिम लेने की क्षमता को कम कर दिया है। चूंकि चांदी का व्यापक रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्रीन एनर्जी टेक्नोलॉजी में उपयोग किया जाता है, इसलिए इसकी कीमत कीमती धातु होने के साथ-साथ औद्योगिक मांग के प्रति संवेदनशील है। हालिया तेजी के बाद ट्रेडर्स द्वारा प्रॉफिट-टेकिंग (profit-taking) ने भी दोनों धातुओं के प्रदर्शन को फीका करने में योगदान दिया है।
निवेशक जो बुलियन की कीमतों में अगले ट्रेंड की तलाश में हैं, वे मध्य-पूर्व के घटनाक्रमों पर नजर रख सकते हैं, क्योंकि किसी भी तरह की आगे की वृद्धि से ऊर्जा की कीमतें ऊंची बनी रह सकती हैं और बाजार की अस्थिरता को प्रभावित कर सकती हैं। इसके अतिरिक्त, बाजार सहभागियों द्वारा आने वाली कॉर्पोरेट आय पर चर्चा और अमेरिका से किसी भी अन्य आर्थिक रिलीज की निगरानी की जाएगी ताकि ब्याज दरों की भविष्य की दिशा पर स्पष्टता मिल सके।
