Gold-Silver Prices: भू-राजनीतिक तनाव और फेड की पॉलिसी से सोने-चांदी में हलचल, आगे क्या?

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Gold-Silver Prices: भू-राजनीतिक तनाव और फेड की पॉलिसी से सोने-चांदी में हलचल, आगे क्या?
Overview

Gold और Silver की कीमतों में इस वक्त जबरदस्त उथल-पुथल मची हुई है। एक तरफ मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) से सुरक्षित निवेश (Safe-Haven Demand) की मांग बढ़ रही है, तो दूसरी तरफ अमेरिका में महंगाई (Inflation) की चिंता और फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) के सतर्क रुख के कारण बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।

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भू-राजनीतिक हलचल ने बढ़ाई सुरक्षित निवेश की मांग

कीमती धातुओं (Precious Metals) के बाजार में काफी हलचल देखने को मिल रही है, जिसकी मुख्य वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव है। अमेरिका-इजराइल के हमलों और ईरान की जवाबी कार्रवाई जैसी घटनाओं ने सोने और चांदी जैसी सुरक्षित निवेश (Safe-Haven Assets) की मांग को हवा दी है। इस मांग के चलते, 1 मार्च 2026 के आसपास गोल्ड की कीमतों में 2% से ज्यादा की तेजी आई और यह एक समय $5,400 प्रति औंस के पार चला गया। ऐतिहासिक रूप से, बड़े भू-राजनीतिक संघर्षों के दौरान सोने की कीमतों में भारी उछाल आता है, जिसका अनुमान संघर्ष-पूर्व स्तरों से 15-25% ऊपर तक जा सकता है। 7 मार्च 2026 तक, अंतरराष्ट्रीय स्पॉट गोल्ड करीब ₹5,167–₹5,181 प्रति औंस पर था, वहीं, चांदी करीब 3% बढ़कर वैश्विक स्तर पर लगभग $84.70 प्रति औंस पर पहुंच गई। हालांकि, तनाव कम होने के किसी भी संकेत से कीमतों में तेज गिरावट आ सकती है।

मैक्रोइकॉनॉमिक्स का खेल: महंगाई बनाम राहत की उम्मीदें

कीमती धातुएं एक जटिल मैक्रोइकॉनॉमिक माहौल से भी गुजर रही हैं। लगातार बनी हुई महंगाई (Inflation) की चिंताएं, खासकर मिडिल ईस्ट की अस्थिरता से जुड़े ऊर्जा की बढ़ती कीमतों के कारण, फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) द्वारा जल्द इंटरेस्ट रेट में कटौती की उम्मीदों को सीमित कर रही हैं। मार्च 2026 तक फेड द्वारा इंटरेस्ट रेट में कटौती की संभावना सिर्फ 2.7% थी। वहीं, हालिया अमेरिकी लेबर मार्केट डेटा ने कुछ अनिश्चितता पैदा की है। मार्च 2026 की शुरुआत में अमेरिका का बेरोजगारी दर 4.4% से ऊपर चला गया, और फरवरी में नॉन-फार्म पेरोल में 92,000 नौकरियों की गिरावट आई, जो अमेरिकी लेबर मार्केट में कमजोरी का संकेत है। यह डेटा भविष्य में फेड द्वारा राहत की अटकलों को हवा दे सकता है, लेकिन महंगाई का बना रहना एक बड़ी रुकावट है। यूएस डॉलर इंडेक्स में भी कुछ उतार-चढ़ाव देखा गया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए सोना कम आकर्षक हो गया है। यूएस 10-साल के ट्रेजरी यील्ड्स करीब 4.15% पर आ गए हैं, और ऐतिहासिक रूप से उच्च यील्ड्स सोने की कीमतों पर दबाव डालते हैं।

कीमती धातुओं का प्रदर्शन और एनालिस्ट्स की राय

कीमती धातुओं के फ्यूचर्स में मिले-जुले प्रदर्शन देखे गए हैं। 4 मार्च 2026 को मार्च 2026 के गोल्ड फ्यूचर्स ₹5,107.40 के आसपास कारोबार कर बंद हुए, दिन के दौरान ये ₹5,023 से ₹5,303.80 के दायरे में रहे। 7 मार्च 2026 को समाप्त सप्ताह में गोल्ड फ्यूचर्स का साप्ताहिक ट्रेडिंग वॉल्यूम बढ़कर 73 लॉट हो गया। 2026 के लिए सोने और चांदी के आउटलुक पर एनालिस्ट्स की राय बंटी हुई है। Macquarie ने अपने पूर्वानुमानों को बढ़ाया है, Q1 2026 के लिए औसत गोल्ड टारगेट $4,590/औंस और पूरे साल 2026 के लिए $4,323/औंस रखा है। वहीं, Goldman Sachs ने साल 2026 के अंत के लिए गोल्ड टारगेट को बढ़ाकर $5,400 प्रति औंस कर दिया है। कुछ एनालिस्ट्स का अनुमान है कि गोल्ड अगले हफ्ते $5,060 और $5,160 के बीच कारोबार कर सकता है। वहीं, कुछ लोग सोने के $7,000-$8,000 तक पहुंचने की भविष्यवाणी कर रहे हैं, जबकि J.P. Morgan को इस तेजी पर संदेह है।

जोखिम और गिरावट का अंदेशा

सुरक्षित निवेश की मांग के बावजूद, कई कारक कीमती धातुओं के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं। यूएस डॉलर का मजबूत होना, विदेशी खरीदारों के लिए सोना महंगा बनाकर इसकी बढ़त को सीमित कर सकता है। लगातार बनी हुई महंगाई और फेडरल रिजर्व के सख्त रुख अपनाने की संभावना, यानी इंटरेस्ट रेट में कटौती में देरी या यदि महंगाई लक्ष्य से ऊपर रहती है तो दरों में बढ़ोतरी की चेतावनी, एक बड़ा खतरा है। मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनावों में तेजी से कमी आने पर, कीमतों में गिरावट आ सकती है। इसके अलावा, 2026 के लिए वैश्विक आर्थिक विकास का अनुमान 3.3% है, जो कि भू-राजनीतिक अस्थिरता और व्यापार तनावों से प्रभावित हो सकता है। एनालिस्ट्स ने यह भी नोट किया है कि बाजार में तनाव के समय, निवेशक कीमती धातुओं के बजाय अमेरिकी डॉलर की तरलता (Liquidity) को अधिक पसंद कर सकते हैं।

भविष्य का अनुमान

आगे चलकर, गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में अस्थिरता बने रहने की उम्मीद है। चीन के महंगाई और व्यापार के आंकड़े, साथ ही यूएस पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर्स (PCE) प्राइस इंडेक्स और कंज्यूमर सेंटिमेंट रिपोर्ट्स जैसे प्रमुख आर्थिक डेटा, वैश्विक विकास और मौद्रिक नीति के आउटलुक पर और जानकारी देंगे। बाजार का अनुमान है कि 2026 में फेडरल रिजर्व द्वारा बहुत कम राहत की उम्मीद है, जिसमें सबसे ज्यादा 25-बेसिस-पॉइंट की एकल कटौती की उम्मीद की जा रही है। जारी भू-राजनीतिक विकास, महंगाई की चाल और केंद्रीय बैंकों की नीतियों के बीच का तालमेल कीमतों को आगे भी तय करेगा, और एनालिस्ट्स कीमती धातुओं के क्षेत्र में लगातार मूल्य में उतार-चढ़ाव और बड़ी दैनिक रेंज की उम्मीद कर रहे हैं।

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