भारतीय ज्वेलरी एक्सपोर्टर्स के लिए खुशखबरी है! सरकार ने सोना और चांदी के गहनों के निर्यात पर ड्यूटी ड्रॉबैक की दरों (Duty Drawback Rates) को दोगुना कर दिया है। इससे निर्यातकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
अब कितना मिलेगा फायदा?
सरकारी राजस्व विभाग (Department of Revenue) ने इस संबंध में अहम नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके तहत, सोने के गहनों और उनके पुर्जों के लिए ड्यूटी ड्रॉबैक की दर को बढ़ाकर ₹1,851.99 प्रति ग्राम कर दिया गया है, जो पहले ₹773.17 प्रति ग्राम थी। वहीं, चांदी के गहनों और अन्य सामानों के लिए यह दर ₹29,501.09 प्रति किलोग्राम कर दी गई है, जबकि पहले यह ₹14,990.66 प्रति किलोग्राम थी। ये नई दरें 17 जुलाई 2026 से लागू होंगी।
क्यों उठाया ये कदम?
ज्वैलरी इंडस्ट्री से लगातार आ रही मांगों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। एक्सपोर्टर्स का कहना था कि पिछले कुछ सालों में कीमती धातुओं की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है, लेकिन सरकार की ओर से टैक्स रिफंड (Embedded Taxes Reimbursement) की दरें उतनी नहीं बढ़ीं। इससे उनका वर्किंग कैपिटल (Working Capital) फंस रहा था और एक्सपोर्ट ऑर्डर पूरा करने में दिक्कतें आ रही थीं। नई दरें इनपुट लागतों (Input Costs) को बेहतर ढंग से कवर करेंगी और भारतीय ज्वैलरी को ग्लोबल मार्केट में ज्यादा कॉम्पिटिटिव (Competitive) बनाएंगी।
इंडस्ट्री पर असर
भारत दुनिया भर में सोने के गहनों का एक बड़ा उपभोक्ता और निर्यातक है। मुंबई, सूरत और जयपुर जैसे शहर ज्वैलरी एक्सपोर्ट के बड़े हब हैं। इस सेक्टर पर कीमती धातुओं की कीमतों और इंपोर्ट ड्यूटी में होने वाले बदलावों का सीधा असर पड़ता है। सरकार के इस कदम से उम्मीद है कि ज्वैलरी एक्सपोर्टर्स के लिए कैश फ्लो (Cash Flow) सुधरेगा और बिजनेस करने में आसानी होगी। हालांकि, इसका सीधा फायदा कंपनियों को कितना होगा, यह उनके एक्सपोर्ट के पैमाने और इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल पर निर्भर करेगा।
