Gold-Silver Prices: कंसॉलिडेशन का दौर जारी, जानिए क्यों थमे हैं भाव?

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Gold-Silver Prices: कंसॉलिडेशन का दौर जारी, जानिए क्यों थमे हैं भाव?
Overview

Gold और Silver के भाव इन दिनों एक टाइट रेंज (tight range) में फंसे हुए हैं, जो किसी बड़े उतार-चढ़ाव के बजाय कंसॉलिडेशन (consolidation) का संकेत दे रहा है। सेंट्रल बैंकों की लगातार खरीदारी और जियोपॉलिटिकल टेंशन (geopolitical tension) मजबूती दे रहे हैं, लेकिन डॉलर का दबदबा और इंडस्ट्रियल सिल्वर की डिमांड में अनिश्चितता दबाव बना रही है।

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गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में कंसॉलिडेशन: बाजार की चाल बदल रही है

सोने (Gold) और चांदी (Silver) की कीमती धातुएं इन दिनों एक तंग दायरे में कारोबार कर रही हैं। यह स्थिति किसी बड़ी गिरावट के बजाय कंसॉलिडेशन (consolidation) का संकेत देती है। यह दौर मजबूत फंडामेंटल और उभरते दबावों के बीच एक जटिल तालमेल को उजागर करता है, जिसके लिए निवेशकों को मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों और प्रत्येक धातु के विशिष्ट कारणों के अनुसार अपनी रणनीतियों को समायोजित करने की आवश्यकता है।

गोल्ड की स्थिर नींव

गोल्ड को पारंपरिक रूप से एक सुरक्षित-संपत्ति (safe-haven asset) और महंगाई से बचाव (inflation hedge) के रूप में देखा जाता है। लगातार बनी हुई जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता (geopolitical uncertainty) और सेंट्रल बैंकों द्वारा की जा रही भारी खरीदारी गोल्ड को सपोर्ट दे रही है। अनुमान है कि सेंट्रल बैंक 2026 तक लगभग 850 टन सोना खरीदेंगे, जो कि पिछले रुझानों को जारी रखेगा। इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) का अनुमान है कि 2026 में ग्लोबल महंगाई दर बढ़कर 4.4% हो सकती है, जो गोल्ड के लिए एक पॉजिटिव फैक्टर है। भारत में MCX पर सोना करीब ₹1.53 लाख प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है।

चांदी का मिश्रित रास्ता और अस्थिरता

चांदी के लिए आउटलुक (outlook) थोड़ा ज्यादा पेचीदा है। एनालिस्ट रेनीशा चैननी जैसे लोगों का सुझाव है कि MCX पर ₹2.30 लाख से ₹2.35 लाख प्रति किलो के बीच खरीदारी के अच्छे जोन (accumulation zones) बन सकते हैं। हालांकि, इस धातु की कीमत, जो लगभग $79-$80 प्रति औंस (ounce) के आसपास है, इंडस्ट्रियल डिमांड से तेजी से प्रभावित हो रही है। चांदी में स्ट्रक्चरल सप्लाई डेफिसिट (structural supply deficit) 2026 तक रिकॉर्ड 215 मिलियन औंस तक पहुंचने की उम्मीद है। हालांकि, सोलर पैनल मैन्युफैक्चरिंग में विकल्प (substitution) के कारण इंडस्ट्रियल फैब्रिकेशन में 2% की गिरावट का अनुमान है। कुछ अनुमानों के अनुसार, चांदी वर्षों तक $50 और $100 के बीच कारोबार कर सकती है, जो इसकी गतिशील प्रकृति और महत्वपूर्ण अस्थिरता के जोखिम को दर्शाता है। मई डिलीवरी के लिए MCX सिल्वर फ्यूचर्स (futures) में हाल ही में गिरावट देखी गई, जबकि गोल्ड फ्यूचर्स में भी नरमी रही।

व्यापक बाजार के प्रभाव

यूएस डॉलर इंडेक्स (DXY) ने लचीलापन दिखाया है, जो लगभग 98 के सपोर्ट लेवल के पास कारोबार कर रहा है। यह आमतौर पर गोल्ड और सिल्वर जैसी डॉलर-डिनॉमिनेटेड कमोडिटीज (dollar-denominated commodities) पर नीचे की ओर दबाव डालता है। IMF के अनुसार, 2026 के लिए ग्लोबल इकोनॉमिक ग्रोथ का अनुमान लगभग 3.1% है, जिसमें मध्य पूर्व संघर्ष (Middle East conflict) से उत्पन्न होने वाली आर्थिक अनिश्चितता अतिरिक्त जोखिम जोड़ सकती है।

2026 के लिए एनालिस्ट के अनुमान

आगे चलकर, एनालिस्ट फर्म मैक्वेरी (Macquarie) ने 2026 के लिए गोल्ड का औसत दाम $4,323 प्रति औंस और चांदी का औसत दाम $62 प्रति औंस रहने का अनुमान लगाया है। ये अनुमान गोल्ड के लिए मजबूत सेंट्रल बैंक डिमांड और चांदी के लिए इसके दोहरे इंडस्ट्रियल और मॉनेटरी कारणों से अपेक्षित अस्थिरता जैसे मौजूदा रुझानों के अनुरूप हैं।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.