MCX पर आज सोना और चांदी के फ्यूचर्स में तेज़ी देखी गई। इसकी मुख्य वजह शॉर्ट कवरिंग और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित कूटनीतिक बातचीत को लेकर उम्मीदें हैं। निवेशक इन भू-राजनीतिक घटनाओं पर नज़र बनाए हुए हैं, जबकि कीमती धातुएं हाल के अपने सालाना उच्चतम स्तर से उबरने की कोशिश कर रही हैं।
Detailed Coverage
क्या है खास?
मंगलवार को शुरुआती कारोबार में कीमती धातुओं (Precious Metals) में खास बढ़ोतरी दर्ज की गई। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित कूटनीतिक बातचीत की ख़बरों के बाद बाज़ार का सेंटिमेंट (Sentiment) बदला है। ईरान ने कुछ शर्तों पर बातचीत फिर से शुरू करने की इच्छा जताई है, जिससे कमोडिटी मार्केट (Commodity Market) में उम्मीद की एक किरण जगी है। इस भू-राजनीतिक हलचल और शॉर्ट कवरिंग (Short Covering) - यानी कीमतों में गिरावट पर दांव लगाने वाले ट्रेडर्स का पोजीशन वापस खरीदना - ने सोने और चांदी के फ्यूचर्स को सहारा दिया है।
MCX पर सोने-चांदी का हाल
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अगस्त डिलीवरी वाले सोने के फ्यूचर्स आज ऊपर खुले। यह ₹1,42,354 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। दिन के दौरान, कीमत ₹1,42,390 के उच्चतम और ₹1,42,266 के निम्नतम स्तर के बीच रही। हालांकि, यह इंट्राडे (Intraday) में बढ़त दिखाता है, लेकिन कीमतें साल के उच्चतम स्तर ₹1,80,779 से काफी नीचे हैं।
सितंबर कॉन्ट्रैक्ट वाले चांदी के फ्यूचर्स ने भी इसी तरह का प्रदर्शन किया। ₹2,19,200 प्रति किलो पर खुलने के बाद, इस धातु में सुबह से ही खरीदारी बढ़ी, जिससे यह ₹2,21,509 के इंट्राडे हाई तक पहुँच गई। दोपहर तक, यह लगभग ₹2,20,722 पर कारोबार कर रही थी। इस रिकवरी के बावजूद, चांदी की कीमतें अपने सालाना उच्चतम स्तर ₹4,20,048 प्रति किलो से काफी नीचे हैं, जो पिछले साल से कीमती धातु क्षेत्र में अस्थिरता को दर्शाता है।
वैश्विक बाज़ार का प्रदर्शन
Comex एक्सचेंज पर अंतर्राष्ट्रीय कीमती धातुओं के बाज़ारों में भी यही रुझान देखने को मिला। सोने के फ्यूचर्स $4,013.40 पर खुलने के बाद $4,051.10 के करीब कारोबार कर रहे थे। यह पिछले दिन के क्लोजिंग स्तरों से स्पष्ट सुधार दिखाता है, हालांकि यह साल के उच्चतम स्तर $5,586.20 प्रति औंस से काफी दूर है। Comex पर चांदी के फ्यूचर्स भी इसी राह पर चले, $56.70 प्रति औंस पर खुले और $58.01 तक बढ़ गए। अंतर्राष्ट्रीय चांदी का सालाना शिखर $121.79 प्रति औंस पर है।
निवेशकों के लिए, मुख्य बात इन कूटनीतिक चर्चाओं की निरंतरता है। भू-राजनीतिक तनाव अक्सर सोने की कीमतों को सुरक्षित-संपत्ति (Safe-haven asset) के तौर पर सहारा देता है, जबकि चांदी औद्योगिक मांग की उम्मीदों और सट्टा कारोबार दोनों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील बनी हुई है। बाज़ार सहभागियों को यह देखना होगा कि क्या वर्तमान मूल्य गति बनी रह सकती है या यह केवल ख़बरों पर आधारित अल्पकालिक प्रतिक्रिया है। आधिकारिक बातचीत के शेड्यूल या भू-राजनीतिक स्थिरता में किसी भी बदलाव से जुड़ी भविष्य की ख़बरें घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों बाज़ारों में कीमतों की दिशा को प्रभावित करेंगी।
