22 जुलाई को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव (geopolitical tensions) के कारण निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश (safe-haven assets) की ओर बढ़ा है।
Detailed Coverage
सोने-चांदी में क्यों आई तेजी?
वैश्विक बाजारों में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने से निवेशकों में चिंता का माहौल है। ऐसे में, कीमती धातुएं, खासकर सोना और चांदी, सुरक्षित निवेश के तौर पर देखी जाती हैं। इसी वजह से इन धातुओं की मांग बढ़ी है और कीमतों में उछाल आया है।
घरेलू बाजार में क्या है हाल?
भारत में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर, गोल्ड फ्यूचर्स (August delivery contract) 1.13% बढ़कर ₹1,44,500 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। वहीं, सिल्वर फ्यूचर्स (September delivery contract) में भी 1.05% की तेजी देखी गई और यह ₹2,26,130 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी यही ट्रेंड देखने को मिला, जहां स्पॉट गोल्ड 1.34% बढ़कर $4,131 प्रति औंस और स्पॉट सिल्वर 1.32% बढ़कर $59.89 प्रति औंस पर पहुंच गया।
आगे क्या हो सकता है?
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यह तेजी भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण है। LKP सिक्योरिटीज के अनुसार, आने वाले सत्रों में MCX गोल्ड ₹1,41,000 से ₹1,45,000 के दायरे में रह सकता है।
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि सोने-चांदी की कीमतें भू-राजनीतिक घटनाओं के प्रति बहुत संवेदनशील होती हैं। तनाव कम होने पर कीमतें गिर सकती हैं, जबकि बढ़ने पर यह तेजी जारी रह सकती है। इसके अलावा, भारतीय रुपये के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती भी इन धातुओं की घरेलू कीमतों को प्रभावित कर सकती है।
