सोने-चांदी में आई नरमी: रिकॉर्ड ऊंचाई से गिरे भाव, क्या निवेश का सही मौका?

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AuthorAditya Rao|Published at:
सोने-चांदी में आई नरमी: रिकॉर्ड ऊंचाई से गिरे भाव, क्या निवेश का सही मौका?
Overview

बुधवार को सोना और चांदी, दोनों कीमती धातुओं ने अपने रिकॉर्ड-तोड़ भावों से नरमी दिखाई। यह गिरावट मुख्य रूप से ट्रेडर्स द्वारा की जा रही 'प्रॉफिट बुकिंग' का नतीजा है। हालांकि, जानकारों का मानना है कि लंबी अवधि में ट्रेंड अभी भी मजबूती की ओर है और गिरावट में निवेश के मौके बन सकते हैं।

क्यों आई कीमती धातुओं में गिरावट?

कीमती धातुओं, सोना और चांदी में बुधवार को बड़ी गिरावट देखी गई। यह गिरावट इसलिए आई क्योंकि हालिया रिकॉर्ड हाई के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली (Profit Booking) शुरू कर दी।

अंतरराष्ट्रीय मार्केट में, COMEX एक्सचेंज पर सोना $5,600 के पार जाने के बाद $5,160–$5,320 के दायरे में आ गया। इसी तरह, चांदी भी अपने रिकॉर्ड स्तर $121.6 को छूने के बाद $108–$111 के आसपास कारोबार कर रही है।

घरेलू बाजार, MCX पर भी सोने का भाव अपने ऑल-टाइम हाई ₹1,80,779 से गिरकर ₹1,63,000 और ₹1,80,500 के बीच आ गया। चांदी भी ₹4,20,000 का आंकड़ा पार करने के बाद स्थिर हुई।

क्या है एक्सपर्ट्स की राय?

Enrich Money के CEO, पोनमुडी आर. (Ponmudi R.) के अनुसार, यह गिरावट एक 'स्वाभाविक और स्वस्थ कूलिंग-ऑफ पीरियड' है। उनका कहना है कि कीमतों में थोड़ी नरमी के बावजूद, जैसे-जैसे गिरावट आती है, वैसे-वैसे खरीदारी देखी जा रही है, जो यह बताता है कि बड़ा ट्रेंड (Bigger Trend) अभी भी मजबूत है।

सपोर्ट लेवल्स और मैक्रो फैक्टर्स

कीमतों में गिरावट के बावजूद, सोना और चांदी मजबूत सपोर्ट लेवल्स पर टिके हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय सोने को $5,050–$5,150 के सपोर्ट के आसपास खरीदारी मिल रही है, जो तकनीकी रूप से ट्रेंड में बदलाव की बजाय एक 'टेक्निकल रीसेट' का संकेत देता है।

घरेलू बाजार में, सोने का मजबूत आधार ₹1,57,000–₹1,59,000 के आसपास है, जबकि चांदी ₹3,55,000–₹3,60,000 के स्तर पर सहारा पा रही है।

इस तेजी के पीछे कई बड़े कारण (Macro Drivers) हैं, जैसे कि लगातार बनी हुई भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं (Geopolitical Uncertainties), आर्थिक अस्थिरता और अमेरिकी डॉलर का कमजोर होना। फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखने के फैसले ने डॉलर को और कमजोर किया है, जिससे सोने-चांदी जैसी सुरक्षित निवेश (Safe-haven Assets) की मांग बढ़ी है।

ऐतिहासिक रूप से, इसी तरह के मैक्रो हालात में सोने की कीमतों में बड़ी तेजी देखी गई है। चांदी की बात करें तो, औद्योगिक इस्तेमाल, इलेक्ट्रॉनिक्स और AI जैसी नई टेक्नोलॉजी में इसके बढ़ते उपयोग के कारण सप्लाई-डिमांड का असंतुलन भी एक अहम फैक्टर है।

निवेशकों के लिए क्या है रणनीति?

जानकार लंबी अवधि के निवेशकों (Long-term Investors) के लिए वर्तमान गिरावट को बाजार में प्रवेश करने के अच्छे मौके के तौर पर देख रहे हैं। सलाह दी जाती है कि एकदम सही बॉटम (Bottom) का इंतजार करने के बजाय, धीरे-धीरे (Gradual Accumulation) और चरणबद्ध तरीके (Phased Approach) से खरीदारी करें।

हालांकि, अल्पावधि के ट्रेडर्स (Short-term Traders) को अभी भी उतार-चढ़ाव (Volatility) के लिए तैयार रहना चाहिए, क्योंकि दोनों धातुएं फिलहाल 'ओवरहीटेड' मानी जा रही हैं, जिससे दिन के दौरान कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव की उम्मीद है।

बाजार का समग्र रुझान (Overall Trend) सोने और चांदी के लिए सकारात्मक बना हुआ है। अनुमान है कि इस तिमाही के अंत तक चांदी $105.07 USD/t.oz और सोना $5,045.82 USD/t.oz के आसपास कारोबार कर सकता है।

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