Gold-Silver ETFs में तूफानी तेजी! West Asia टेंशन से निवेशक 'Safe Haven' की ओर भागे, Futures में मिली-जुली चाल

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AuthorAditya Rao|Published at:
Gold-Silver ETFs में तूफानी तेजी! West Asia टेंशन से निवेशक 'Safe Haven' की ओर भागे, Futures में मिली-जुली चाल
Overview

पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते निवेशकों का रुझान 'सुरक्षित निवेश' (Safe Haven) की ओर बढ़ा है। सोमवार, 30 मार्च 2026 को गोल्ड (Gold) और सिल्वर (Silver) ETF में जबरदस्त मांग देखी गई, जिसके चलते इन फंड्स में अच्छी खासी तेजी आई। इस ETF मांग के विपरीत, ग्लोबल इक्विटी मार्केट्स में थोड़ी बिकवाली हावी रही।

भू-राजनीतिक डर से ETF की डिमांड में उछाल

भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने के कारण निवेशकों ने सुरक्षित माने जाने वाले निवेशों की ओर रुख किया, जिसके चलते 30 मार्च 2026 को गोल्ड और सिल्वर एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा। पश्चिम एशिया में संघर्ष बढ़ने के संकेतों के बीच, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने विस्तारित सैन्य अभियान का आदेश दिया, वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर संभावित कार्रवाई के संकेत दिए। इस स्थिति ने बुलियन-समर्थित ETF की मांग में भारी वृद्धि की, जिसमें कई गोल्ड और सिल्वर फंड 1.5% से अधिक चढ़े, और कुछ सिल्वर फंड तो 2.5% से भी ऊपर चले गए। हालांकि, ETF में यह मजबूत सेंटिमेंट फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स के प्रति अधिक सतर्क दृष्टिकोण के विपरीत था। विश्लेषकों ने महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस लेवल्स (Resistance Levels) का हवाला देते हुए, लगातार ऊपर की ओर गति के खिलाफ चेतावनी दी और तात्कालिक डर-प्रेरित निवेश तथा लंबी अवधि के मार्केट टेक्निकल्स (Technicals) के बीच एक डिस्कनेक्ट (Disconnect) की ओर इशारा किया।

ETF रैली के खास आंकड़े

30 मार्च 2026 को, गोल्ड और सिल्वर ETF ने दमदार बढ़त दर्ज की। UTI Silver ETF 2.7% और Groww Gold ETF 2.10% ऊपर चढ़ा। यह प्रदर्शन पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव से सीधे तौर पर जुड़ा था, जो पारंपरिक रूप से सुरक्षित संपत्तियों की तलाश करने वाले निवेशकों के लिए एक मुख्य कारण होता है। इसके विपरीत, ग्लोबल इक्विटी मार्केट्स में थोड़ी बिकवाली का माहौल दिखा। S&P 500 0.04% गिरा, और फ्यूचर्स भी गिरावट का संकेत दे रहे थे। U.S. Dollar Index (DXY) थोड़ा गिरकर 100.0961 पर आ गया, जो आमतौर पर डॉलर-मूल्य वाली कमोडिटीज के लिए सहायक होता है। हालांकि, इस तेजी का मुख्य कारण डॉलर की कमजोरी नहीं, बल्कि सुरक्षा संबंधी चिंताएं रहीं।

फ्यूचर्स को टेक्नीकल रेजिस्टेंस का सामना

ETF में मजबूत इनफ्लो (Inflow) देखने को मिला, लेकिन मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और ग्लोबल COMEX मार्केट्स में गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर्स का आउटलुक (Outlook) अधिक जटिल था। MCX गोल्ड मई फ्यूचर्स 0.03% बढ़कर ₹1,45,980 प्रति 10 ग्राम रहा, और सिल्वर मई फ्यूचर्स 0.35% बढ़कर ₹2,28,750 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया। लेकिन, एनालिस्ट पोनमुडी आर. (Ponmudi R.) ने आगाह किया कि MCX गोल्ड फ्यूचर्स को ₹1,49,000–₹1,50,000 के आसपास रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है। ₹1,44,000 से नीचे की गिरावट प्रॉफिट-टेकिंग (Profit-taking) को बढ़ा सकती है। सिल्वर के लिए, ₹2,32,000 पर रेजिस्टेंस है, और ₹2,20,000 से नीचे जाने पर इसमें ₹2,15,000 तक की गिरावट तेज हो सकती है। वहीं, ग्लोबल COMEX गोल्ड फ्यूचर्स 1.28% गिरकर लगभग $4,437.33 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहे थे। इस गिरावट को मजबूत होते अमेरिकी डॉलर और बढ़ते ट्रेजरी यील्ड्स (Treasury Yields) का असर माना गया, जो ब्याज न देने वाली संपत्तियों को कम आकर्षक बनाते हैं। यह ETF की मांग को चलाने वाले सेंटिमेंट और फ्यूचर्स पर तकनीकी दबाव के बीच एक अंतर दर्शाता है।

मुख्य जोखिम और चिंताएं

पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक अनिश्चितता ETF इनफ्लो को बढ़ा रही है, लेकिन इसमें जोखिम भी शामिल हैं। संघर्ष ने ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमतों को $115 प्रति बैरल से ऊपर धकेल दिया है, जिससे स्टैगफ्लेशन (Stagflation) की चिंताएं बढ़ी हैं और व्यापक बाजारों पर असर पड़ा है। S&P 500 मार्च में 7.41% गिर चुका है और करेक्शन टेरिटरी (Correction Territory) में आ गया है। एक बड़ी चिंता यह है कि गोल्ड और सिल्वर ETF की सुरक्षित निवेश मांग कितनी देर तक बनी रहेगी। यदि राजनयिक प्रयास सफल होते हैं या तनाव कम होता है, तो ETF कीमतों में बना प्रीमियम तेजी से गायब हो सकता है। इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना और ग्लोबल सुरक्षित निवेश की मांग से बढ़ते ट्रेजरी यील्ड्स, सोने-चांदी के अवसर लागत (Opportunity Cost) को बढ़ाकर और डॉलर-संपत्तियों को अधिक आकर्षक बनाकर उनके लिए चुनौती पेश कर रहे हैं। फर्स्ट मैजेस्टिक सिल्वर (First Majestic Silver) जैसे गोल्ड माइनिंग स्टॉक का मौजूदा P/E रेशियो 62.67 पर बहुत अधिक है, जो उद्योग के औसत से काफी ऊपर है। यह बताता है कि बाजार शायद सेक्टर की भविष्य की कमाई को अधिक आंक रहा है, और यह जोखिम तब बढ़ जाता है जब भू-राजनीतिक डर कम होता है और ETF में प्रॉफिट-टेकिंग शुरू हो जाती है।

आगे का आउटलुक

आगे देखते हुए, कीमती धातुओं (Precious Metals) के भू-राजनीतिक घटनाओं के प्रति संवेदनशील बने रहने की उम्मीद है। जब तक तनाव बना रहेगा, ETF इनफ्लो जारी रह सकता है। हालांकि, फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स का प्रदर्शन मैक्रोइकॉनॉमिक (Macroeconomic) कारकों से काफी प्रभावित होगा, जिसमें अमेरिकी डॉलर की मजबूती, ब्याज दर की उम्मीदें और महंगाई के रुझान शामिल हैं, जो वर्तमान में बढ़ती ऊर्जा लागतों के कारण दबाव में हैं। विश्लेषकों के अनुमान बताते हैं कि तिमाही के अंत तक गोल्ड $4,498.30 के आसपास ट्रेड कर सकता है, जो मौजूदा भू-राजनीतिक जोखिमों के बावजूद हाल की ऊंचाई से एक संभावित ठहराव या मामूली गिरावट का संकेत देता है। ETF सेंटिमेंट और फ्यूचर्स मार्केट टेक्निकल्स के बीच का अंतर बताता है कि डर शायद अल्पावधि ETF निवेश को बढ़ा सकता है, लेकिन लंबी अवधि का रुझान व्यापक आर्थिक ताकतों और मध्य पूर्व संघर्ष के समाधान पर निर्भर करेगा।

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