Gold और Silver ETFs में बड़ी गिरावट! Fed के रेट हाईक के संकेतों से निवेशक परेशान

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Gold और Silver ETFs में बड़ी गिरावट! Fed के रेट हाईक के संकेतों से निवेशक परेशान

31 अगस्त, 2026 को भारतीय गोल्ड और सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETFs) में **4%** तक की भारी गिरावट देखी गई। यह गिरावट अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयर केविन वॉर्श के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने ब्याज दरें बढ़ाने के संकेत दिए हैं।

कीमती धातुओं के बाजार में 31 अगस्त, 2026 को बड़ी हलचल दिखी, जहाँ भारतीय गोल्ड और सिल्वर ETFs की वैल्यू 3.5% से 4% तक लुढ़क गई। जैक्सन होल इकोनॉमिक समिट में अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयर केविन वॉर्श ने जब महंगाई को काबू में रखने पर जोर दिया, तो ग्लोबल मार्केट में ब्याज दरें बढ़ने की आशंकाएं तेज हो गईं।

क्यों बिक रहे हैं गोल्ड-सिल्वर?

निवेशकों के लिए सबसे बड़ा मुद्दा 'अपॉर्चुनिटी कॉस्ट' का है। गोल्ड और सिल्वर नॉन-यिल्डिंग एसेट्स हैं, यानी इनसे कोई ब्याज या डिविडेंड नहीं मिलता। जैसे ही फेड रेट हाईक का संकेत देता है, सरकारी बॉन्ड यील्ड्स बढ़ जाती हैं, जिससे निवेशकों का रुझान सुरक्षित और फिक्स्ड रिटर्न देने वाले बॉन्ड्स की ओर बढ़ जाता है।

डॉलर की मजबूती का असर

ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद से अमेरिकी डॉलर और मजबूत हुआ है। चूंकि गोल्ड और सिल्वर की ग्लोबल कीमत डॉलर में तय होती है, डॉलर के महंगे होने से ये धातुएं अन्य करेंसी वाले खरीदारों के लिए महंगी हो गई हैं। इसका सीधा असर डिमांड पर पड़ा है।

बड़े ETFs पर मार

सिल्वर की कीमतों में उतार-चढ़ाव ज्यादा देखने को मिला, जहाँ SBI Silver ETF और Nippon India Silver ETF जैसे बड़े फंड्स में 4% के करीब गिरावट दर्ज की गई। मिडल ईस्ट में जारी तनाव के कारण एनर्जी और तेल की कीमतें पहले ही ऊपर हैं, लेकिन फिलहाल मार्केट का पूरा फोकस फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और डॉलर की मजबूती पर ही टिका हुआ है।

आने वाले समय में सितंबर की फेड पॉलिसी मीटिंग और महंगाई के आंकड़ों पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी। जो भी नए संकेत आएंगे, वे गोल्ड और सिल्वर पोर्टफोलियो में और उतार-चढ़ाव ला सकते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.