सोने की रिकॉर्ड कीमतों के कारण इस अक्टूबर रिटेल गोल्ड सेल्स में **11%** की गिरावट आने का अनुमान है। **₹1,43,000** प्रति 10 ग्राम तक पहुंचे भाव ने खरीदारों को परेशान कर दिया है, जो लिस्टेड ज्वैलरी कंपनियों के लिए एक बड़ी चुनौती है।
त्योहारी सीजन में इस बार सोना खरीदना आम आदमी की जेब पर भारी पड़ रहा है। नवरात्र और दशहरा जैसे शुभ मौकों के बावजूद, आंकड़े बताते हैं कि अक्टूबर 2026 में गोल्ड सेल्स वॉल्यूम पिछले साल के मुकाबले 11% कम रह सकता है। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के अनुसार, सितंबर के मुकाबले डिमांड में थोड़ा सुधार जरूर हुआ है, लेकिन साल-दर-साल आधार पर अंतर अभी भी चिंता का विषय बना हुआ है।
रिकॉर्ड कीमतों का असर
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के दाम लगातार ऊंचे बने हुए हैं। 24-कैरेट सोने की कीमत करीब ₹1,43,000 प्रति 10 ग्राम के स्तर को छू रही है, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 10% ज्यादा है। भारी कीमतों के कारण मिडिल-क्लास परिवार अब या तो खरीदारी टाल रहे हैं या फिर कम मात्रा में सोना खरीद रहे हैं।
ज्वैलर्स की रणनीति और निवेशकों के लिए संकेत
ग्राहकों को लुभाने के लिए ज्वैलरी रिटेलर्स मेकिंग चार्ज पर डिस्काउंट और पुराने सोने के बदले बोनस जैसे ऑफर दे रहे हैं। निवेशकों के लिए धनतेरस और दिवाली का समय काफी अहम है, क्योंकि ज्वैलरी कंपनियां अपनी सालाना कमाई का एक बड़ा हिस्सा इसी दौरान बटोरती हैं। अगर वॉल्यूम में गिरावट बनी रहती है, तो कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है।
मार्केट आउटलुक
वैश्विक ब्याज दरों और रुपये की चाल का असर कीमती धातुओं पर साफ दिख रहा है, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। अब बाजार की नजर दिवाली के दौरान होने वाली कुल बिक्री पर टिकी है। देखना यह होगा कि ज्वैलरी चेन कंपनियां इन्वेंट्री की बढ़ती लागत और गिरते वॉल्यूम के बीच अपने मार्जिन को कैसे सुरक्षित रखती हैं।
