सोने के वायदा भाव (Gold Futures) में आज, 20 अगस्त 2026 को MCX पर ₹1,58,260 प्रति 10 ग्राम का स्तर छू लिया। यह उछाल अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड (US Treasury Yields) में आई गिरावट के बाद आया है, जो अमेरिकी सरकार के बॉन्ड बायबैक ऑपरेशन्स (Bond Buyback Operations) के बढ़ने का नतीजा है।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट बनी सोने की तेजी की वजह
भारतीय वायदा बाजार (MCX) पर आज, 20 अगस्त 2026 को सोने के भाव में ₹264 की तेजी देखी गई और यह ₹1,58,260 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इस उछाल की जड़ें सीधे तौर पर अमेरिका के वित्तीय बाजारों में हुए बदलावों से जुड़ी हैं, जिनका असर अक्सर भारतीय सर्राफा बाजार पर पड़ता है।
इसकी मुख्य वजह अमेरिकी ट्रेजरी विभाग (US Treasury Department) का अपने बॉन्ड बायबैक ऑपरेशन्स को बढ़ाना था। लंबी अवधि के बॉन्ड्स के लिए $4 बिलियन तक बायबैक बढ़ाकर, अमेरिकी सरकार ने अर्थव्यवस्था के लिए उधारी लागत को कम करने की कोशिश की। इसके परिणामस्वरूप, 30-साल के अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में हाल के दो दशक की ऊंचाइयों से गिरावट आई और यह लगभग 5.19% पर आ गया। आम तौर पर, जब सरकारी बॉन्ड्स से मिलने वाला रिटर्न कम हो जाता है, तो निवेशक सोने जैसी कीमती धातुओं की ओर रुख करते हैं, जिससे सोने की मांग और कीमतें बढ़ जाती हैं।
आगे क्या?
हालांकि, सोने की कीमतों में यह बढ़ोतरी निवेशकों के लिए राहत की खबर है, लेकिन कुछ ऐसे कारक भी हैं जो आगे चलकर इसकी रफ्तार को धीमा कर सकते हैं। हाल ही में जारी हुई फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) की जुलाई महीने की मीटिंग के मिनट्स से पता चला है कि केंद्रीय बैंक के अधिकारी अभी भी ऊंची महंगाई (Inflation) को लेकर चिंतित हैं। कुछ अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यदि महंगाई दर कम नहीं होती है, तो वे ब्याज दरों (Interest Rates) में और बढ़ोतरी कर सकते हैं। ऐतिहासिक रूप से, सोना तब संघर्ष करता है जब ब्याज दरें ऊंची होती हैं, क्योंकि यह धातु अपने धारकों को कोई ब्याज आय नहीं देती है।
इसके अलावा, वैश्विक आर्थिक जोखिम भी बाजार को प्रभावित कर रहे हैं। कच्चे तेल (Crude Oil) की ऊंची कीमतें और मध्य पूर्व (Middle East) में जारी भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) कमोडिटी की कीमतों के लिए अनिश्चित माहौल बना रहे हैं। हालांकि भू-राजनीतिक चिंताएं अक्सर सोने की मांग को एक सुरक्षित निवेश (Safe-haven Asset) के रूप में बढ़ाती हैं, लेकिन वे वैश्विक महंगाई में भी योगदान करती हैं, जिसे केंद्रीय बैंक नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में, Comex गोल्ड फ्यूचर्स $4,546 प्रति औंस पर स्थिर बना रहा।
सर्राफा बाजार पर नजर रखने वाले निवेशक अमेरिकी अर्थव्यवस्था की वर्तमान ब्याज दर नीतियों पर प्रतिक्रिया का अंदाजा लगाने के लिए आने वाले आंकड़ों, जैसे कि अमेरिकी साप्ताहिक जॉबलेस क्लेम्स (Weekly Jobless Claims) और मैन्युफैक्चरिंग इंडिसेज (Manufacturing Indices) पर बारीकी से नजर रखेंगे।
