MCX पर सोने की कीमतों में सुधार देखने को मिला है और यह **₹1,51,135** प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है, वहीं चांदी भी बढ़कर **₹2,33,883** प्रति किलोग्राम हो गई है। हालिया गिरावट के बाद निवेशक अब 'बार्गेन हंटिंग' (bargain hunting) की ओर रुख कर रहे हैं, हालांकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों का दबाव अभी भी बना हुआ है।
शुक्रवार के कारोबार में भारतीय कमोडिटी बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में रिकवरी दर्ज की गई। हालिया गिरावट के बाद निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी शुरू की है, जिसका असर MCX पर साफ दिख रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी Comex पर गोल्ड फ्यूचर्स $4,318.10 प्रति औंस के स्तर पर कारोबार कर रहे हैं।
फेड का दबाव और बाजार की चुनौती
बाजार में आई यह तेजी फिलहाल अस्थायी मानी जा रही है, क्योंकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति अभी भी एक बड़ी चुनौती है। फेड ने ब्याज दरों को 3.75-4.00% के दायरे में स्थिर रखा है। चूंकि सोना और चांदी 'नॉन-यील्डिंग एसेट' (non-yielding assets) हैं, इसलिए ऊंची ब्याज दरों के माहौल में बॉन्ड मार्केट अधिक आकर्षक हो जाता है, जिससे कीमती धातुओं पर दबाव बना रहता है।
डॉलर की मजबूती का असर
मजबूत डॉलर और बढ़ती ट्रेजरी यील्ड (Treasury yields) सोने के लिए बड़ी बाधा साबित हो रही हैं। जब डॉलर मजबूत होता है, तो अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए सोना महंगा हो जाता है। निवेशक अब आगामी आर्थिक आंकड़ों पर नजरें गड़ाए हुए हैं, क्योंकि महंगाई के नए संकेत फेड की अगली चाल को प्रभावित कर सकते हैं।
टेक्निकल चार्ट क्या कहते हैं?
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, सोने के लिए तत्काल सपोर्ट ₹1,50,110 के स्तर पर है, जबकि ऊपर की ओर ₹1,51,330 पर रेजिस्टेंस बना हुआ है। चांदी की बात करें तो, इसका सपोर्ट ₹2,31,320 और रेजिस्टेंस ₹2,35,615 के आसपास देखा जा रहा है। कुल मिलाकर, जब तक ब्याज दरों को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने नहीं आती, बुलियन मार्केट में उतार-चढ़ाव जारी रहने की उम्मीद है।
