US डॉलर में गिरावट के चलते गोल्ड की कीमतों में आज **0.6%** का उछाल देखा गया है। निवेशक अब अमेरिका के इन्फ्लेशन डेटा और फेडरल रिजर्व के अगले फैसलों पर अपनी नजरें जमाए बैठे हैं।
मंगलवार को स्पॉट गोल्ड की कीमतों में मामूली बढ़त दर्ज की गई और यह $4,429 प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है। डॉलर इंडेक्स में करीब 0.4% की गिरावट आई, जिससे अन्य करेंसी रखने वाले निवेशकों के लिए सोना खरीदना सस्ता हो गया और इसे सपोर्ट मिला।
बाजार की नजरें इन्फ्लेशन डेटा पर
फिलहाल गोल्ड एक दायरे में ही ट्रेड कर रहा है। मार्केट अब गुरुवार को आने वाले प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) और शुक्रवार को आने वाले कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) का इंतजार कर रहा है। ये डेटा तय करेंगे कि फेडरल रिजर्व अपनी पॉलिसी में क्या बदलाव करेगा।
रेट हाईक का दबाव
मौजूदा आंकड़ों के अनुसार, निवेशकों को 60% संभावना है कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में बढ़ोतरी करेगा। जब ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो बॉन्ड और सेविंग अकाउंट जैसे एसेट्स ज्यादा आकर्षक हो जाते हैं, जिससे गोल्ड जैसे नॉन-यील्डिंग एसेट पर दबाव बढ़ जाता है। अगस्त के मजबूत रोजगार आंकड़ों ने इस आशंका को और गहरा कर दिया है।
जियो-पॉलिटिकल रिस्क का सपोर्ट
इन आर्थिक चुनौतियों के बीच, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अस्थिरता ने सोने को एक 'सेफ-हेवन' के तौर पर सहारा दिया है। ग्लोबल अनिश्चितता के कारण निवेशक सोने को सुरक्षा के तौर पर देख रहे हैं, जो इसकी कीमतों को गिरने से रोक रहा है। आने वाले दिन काफी महत्वपूर्ण रहेंगे क्योंकि इन्फ्लेशन के आंकड़े ही बाजार की अगली दिशा तय करेंगे।
