डॉलर में नरमी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के चलते गोल्ड की चमक बढ़ गई है। स्पॉट गोल्ड **0.3%** उछलकर **$4,355.05** प्रति औंस पर पहुंच गया है, हालांकि फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में बढ़ोतरी का दबाव अभी भी बना हुआ है।
सोने की कीमतों में तेजी की वजह
18 सितंबर, 2026 की शुरुआती ट्रेडिंग में सोने ने मजबूती दिखाई है। डॉलर के कमजोर होने से अन्य करेंसी का उपयोग करने वाले खरीदारों के लिए सोना सस्ता हो गया है, जिससे इसकी मांग बढ़ी है। वहीं, कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तीसरे दिन की गिरावट ने महंगाई की चिंता को कुछ कम किया है, जो बुलियन मार्केट के लिए सकारात्मक संकेत है।
ब्याज दरों का दबाव
भले ही सोना ऊपर जा रहा है, लेकिन अमेरिकी फेडरल रिजर्व के 25 बेसिस पॉइंट्स की दर बढ़ोतरी ने एक चुनौती खड़ी कर दी है। चूंकि सोने पर कोई ब्याज या डिविडेंड नहीं मिलता, इसलिए ऊँची ब्याज दरों के दौर में निवेशक अक्सर बॉन्ड्स या बैंक डिपॉजिट जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख करते हैं।
ग्लोबल सेंट्रल बैंकों का रुख
ग्लोबल मार्केट में इस समय हलचल तेज है:
- Bank of Japan: ब्याज दरें 31 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं।
- Bank of England: फिलहाल दरें स्थिर रखी हैं, लेकिन महंगाई को देखते हुए सख्ती के संकेत दिए हैं।
Goldman Sachs का आउटलुक
इतने दबाव के बावजूद एक्सपर्ट्स का भरोसा कायम है। Goldman Sachs ने साल 2027 के अंत तक सोने का टारगेट प्राइस $5,400 प्रति औंस बरकरार रखा है।
अन्य कीमती धातुओं का हाल
सोने के साथ अन्य धातुओं में भी तेजी देखी गई:
- Silver: 1.1% बढ़कर $65.91 प्रति औंस।
- Platinum: 1.4% की बढ़त के साथ $1,793.15 प्रति औंस।
- Palladium: 1% चढ़कर $1,303.74 प्रति औंस।
