Gold Price: सोने में चमक बरकरार, अमेरिकी जॉब डेटा कमजोर होने से बढ़े दाम

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AuthorMehul Desai|Published at:
Gold Price: सोने में चमक बरकरार, अमेरिकी जॉब डेटा कमजोर होने से बढ़े दाम

कमजोर अमेरिकी जॉब डेटा के बाद फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदें कम हो गई हैं, जिससे सोने की कीमतों में उछाल आया है और भाव **$4,158** प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गए हैं।

सोने की कीमतों में तेजी का दौर जारी है और यह $4,153 से $4,158 प्रति औंस के दायरे में ट्रेड कर रहा है। इस तेजी की मुख्य वजह अमेरिकी लेबर मार्केट का सुस्त पड़ना है, जिसके कारण अक्टूबर में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना अब काफी कम हो गई है।

जॉब डेटा का असर

सितंबर के नॉनफार्म पेरोल डेटा के मुताबिक, अमेरिका में केवल 29,000 नए जॉब्स जुड़े हैं, जो बाजार के अनुमानों से काफी कम हैं। अर्थव्यवस्था में इस कमजोरी का सीधा मतलब है कि फेडरल रिजर्व पर दरों को ऊंचे स्तर पर बनाए रखने का दबाव कम हो सकता है। गोल्ड एक नॉन-इंटरेस्ट-बेयरिंग एसेट है, इसलिए जब ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद कम होती है, तो निवेशक बॉन्ड के बजाय सोने की ओर ज्यादा आकर्षित होते हैं।

क्या कहते हैं आंकड़े?

अक्टूबर में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना अब गिरकर महज 20% से 22% रह गई है, जो एक हफ्ते पहले 60% से ज्यादा थी। कमजोर डॉलर ने भी सोने की मांग को सपोर्ट दिया है, जिससे यह दूसरी करेंसी रखने वाले खरीदारों के लिए सस्ता हो गया है।

आगे की राह और चुनौतियां

हालांकि सोना ऊपर की ओर है, लेकिन अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड का दबाव अभी भी बना हुआ है। साथ ही, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और जियोपॉलिटिकल टेंशन के कारण महंगाई अनियंत्रित रह सकती है, जो भविष्य में फेड को सख्त रुख अपनाने पर मजबूर कर सकती है। भारतीय निवेशकों के लिए ग्लोबल स्पॉट प्राइसेज और डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल अब सबसे अहम बेंचमार्क रहने वाली है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.