Gold Rate Today: सोने की कीमतों में उछाल, $4,043 के पार! वजह बने US Jobs Data

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AuthorMehul Desai|Published at:
Gold Rate Today: सोने की कीमतों में उछाल, $4,043 के पार! वजह बने US Jobs Data

सोने (Gold) की कीमतों में लगातार दूसरे दिन तेजी का सिलसिला जारी है। मल्टी-कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना **$4,043.52** प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया है। इसकी मुख्य वजह अमेरिका में उम्मीद से कमज़ोर जॉब ग्रोथ के आंकड़े और फेडरल रिजर्व के बयानात हैं, जिनसे मॉनेटरी पॉलिसी में नरमी के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि, मजबूत डॉलर की वजह से सोने की रफ्तार कुछ थमी हुई है।

क्या हुआ?

पिछले दो दिनों से सोने की कीमतों में लगातार तेजी देखी जा रही है। सोना $4,043.52 प्रति औंस के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। यह तेजी प्रीशियस मेटल्स मार्केट में लौटे भरोसे को दिखाती है, जो अमेरिका से आए नए इकोनॉमिक डेटा और फेडरल रिजर्व की तरफ से आई टिप्पणियों से प्रेरित है। इस मूव से मार्केट सेंटीमेंट में बदलाव आया है, क्योंकि निवेशक फेडरल रिजर्व द्वारा इंटरेस्ट रेट हाइक की रफ्तार धीमी करने की संभावना पर गौर कर रहे हैं।

कमजोर US Jobs Data क्यों अहम?

इस प्राइस मूवमेंट का सबसे बड़ा कारण अमेरिका का प्राइवेट सेक्टर जॉब्स रिपोर्ट है, जिसमें जून में सिर्फ 98,000 नई नौकरियां जोड़ी गईं। यह आंकड़ा मार्केट की उम्मीद 118,000 से कम था और मई के संशोधित आंकड़ों से भी नीचे था। निवेशकों के लिए, यह डेटा लेबर मार्केट के ठंडा पड़ने का संकेत है।

जब लेबर मार्केट कमजोर होता है, तो यह अक्सर अर्थव्यवस्था में सुस्ती का संकेत देता है। ऐतिहासिक रूप से, इससे सोने को फायदा होता है क्योंकि फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट में कटौती करने या और बढ़ोतरी रोकने की संभावना बढ़ जाती है। चूंकि सोने पर कोई ब्याज नहीं मिलता, यह निवेशकों के लिए तब और आकर्षक हो जाता है जब ब्याज दरें कम रहने या घटने की उम्मीद हो।

Fed की टिप्पणी और मार्केट की उम्मीदें

फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श की हालिया टिप्पणियों ने इस ट्रेंड को और बढ़ावा दिया। उन्होंने कहा कि इन्फ्लेशन का खतरा कम हुआ है, जिससे यह उम्मीद जगी है कि सेंट्रल बैंक का आक्रामक टाइटनिंग साइकिल खत्म होने वाला है। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि मार्केट अभी पूरी तरह से आश्वस्त नहीं है। ट्रेडर्स अभी भी साल के बाकी बचे समय में कम से कम एक रेट हाइक की उम्मीद कर रहे हैं, खासकर सितंबर और दिसंबर में। यह दर्शाता है कि उम्मीदें तो हैं, लेकिन मार्केट फेड के अगले कदमों को लेकर सतर्क है।

डॉलर का संतुलन

हालांकि ठंडी पड़ती अर्थव्यवस्था के संकेत सोने के पक्ष में हैं, लेकिन अमेरिकी डॉलर की मजबूती कीमतों पर एक स्वाभाविक लगाम लगा रही है। यूएस डॉलर इंडेक्स 101.43 पर बना हुआ है। चूंकि सोने का ग्लोबल प्राइस डॉलर में तय होता है, इसलिए मजबूत करेंसी उन खरीदारों के लिए इसे और महंगा बना देती है जो दूसरी करेंसी का इस्तेमाल करते हैं। यह उल्टा रिश्ता अक्सर सोने की रैली की रफ्तार और दायरे को सीमित कर देता है, भले ही दूसरे फैक्टर पॉजिटिव हों।

आगे निवेशक क्या देखें?

आगे चलकर, निवेशक दो मुख्य चीजों पर बारीकी से नजर रखेंगे। पहला, आगामी अमेरिकी आर्थिक डेटा यह पुष्टि करने के लिए महत्वपूर्ण होगा कि लेबर मार्केट में आई सुस्ती एक अस्थायी झटका है या एक लंबी अवधि का ट्रेंड। यह डेटा फेडरल रिजर्व की भविष्य की पॉलिसी को तय करेगा।

दूसरा, भू-राजनीतिक घटनाक्रम, खासकर अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता, रडार पर है। हालांकि मध्यस्थों ने कुछ प्रगति की सूचना दी है, लेकिन मार्केट ठोस नतीजों का इंतजार कर रहा है। निवेशक इन वार्ताओं के विकास पर नजर रख सकते हैं, क्योंकि कोई भी समाधान या तनाव बढ़ने से सोने जैसी सुरक्षित-संपत्तियों (Safe-haven assets) में निवेशक की भूख अचानक बदल सकती है।

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